तीर्थनगरी में डेंगू ने दस्तक दे दी है। इस बात का खुलासा सरकारी अस्पताल में सप्ताहभर में तेज बुखार की शिकायत लेकर आए 14 लोगों की पैथोलॉजी जांच में हुआ है। जिसमें 14 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। साथ ही अन्य 17 लोगों की भी जांच कराई गई है। उनकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। उधर, अस्पताल प्रशासन ने डेंगू से निपटने के लिए पर्याप्त दवा और संसाधन होने का दावा किया है।
सरकारी अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के आंकड़ों के मुताबिक डेंगू की पुष्टि तीन अगस्त को एक मरीज में हुई थी। उसके बाद हालात सामान्य रहे।16 अगस्त के बाद संक्रामक रोग के मामले बढ़ते चले गए। वहीं, पैथोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश पांडेय ने बताया कि डेंगू जांच के लिए लैब में पर्याप्त किट हैं।
डेंगू की जांच के बाद जिस मरीज में प्लेटलेट्स की कमी पाई जाती है, उसे दून या जौलीग्रांट भेजा जाता है। हालांकि अभी तक जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव रही, उनका उपचार दवा से ही हो गया है। सोमवार को डेंगू की आशंका वाले 17 लोगों की जांच की गई है। मंगलवार को रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेगा।
डेंगू को लेकर पालिका प्रशासन बेपरवाह
शहर में डेंगू के संक्रमण फैलने लगा है। हैरत की बात यह कि डेंगू के प्रकोप की रोकथाम करने वाला नगर पालिका प्रशासन किस कदर बेपरवाह बना है, इसकी बानगी नगर पालिका परिसर में देखी जा सकती है। जहां पालिका प्रशासन ने डेंगू से बचाव के लिए सूचना पट तो लगाया, लेकिन इस बीमारी को पनपने से पहले खत्म करने के इंतजाम नहीं किए। ईओ, राजस्व निरीक्षक कार्यालय के ठीक सामने रखे कूड़ादान में पानी जमा है। गंदगी सड़ रही है, लेकिन इस ओर ध्यान कोई नहीं दे रहा है।
डेंगू के मामले बनखंडी, शांतिनगर, कुम्हारबाड़ा, चंद्रेश्वरनगर, कैलासगेट मुनिकीरेती क्षेत्र से आए हैं। इन स्थानों पर सतर्कता बरती जा रही है। नगर पालिका को साफ सफाई, कीटनाशक दवा के छिड़काव का निर्देश दिया गया है। संक्रमक रोग से निपटने के लिए दवा का स्टॉक पर्याप्त है।
डा. अशोक कुमार गैरोला, मुख्य चिकित्साधीक्षक
डेंगू की स्थिति
तारीख मरीज
03 अगस्त एक
16 अगस्त एक
20 अगस्त एक
22 अगस्त एक
23 अगस्त एक
26 अगस्त चार
27 अगस्त पांच