राजाजी राष्ट्रीय टाइगर रिजर्व इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है। पार्क में लोग हाथी, हिरन, गुलदार और अन्य प्रजाति के जानवर देखकर उत्साहित हो रहे हैं। लेकिन टाइगर की गतिविधियों का साक्षी बनने की हसरत लेकर यहां आने वाले पर्यटकों को अभी तक टाइगर की दीदार नहीं होने से मायूस भी होना पड़ा है। प्रशासन को वन्यजीव प्रेमियों के पार्क भ्रमण से अब तक 55 हजार से अधिक का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
दो सप्ताह पहले आम पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए खोले गए राजाजी राष्ट्रीय रिजर्व के मोतीचूर रेंज से भारी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं। रिजर्व आने वाले पर्यटकों में सबसे अधिक संख्या स्कूली विद्यार्थियों की रही है।
रेंज अधिकारी महेंद्र गिरि गोस्वामी ने बताया कि पर्यटकों को पार्क क्षेत्र के 21 किमी कच्चे रोड ट्रैक पर जंगल सफारी का आनंद लेने, वन्यजीवों की वास्तविक गतिविधियों से रूबरू होने और प्राकृतिक वातावरण के अनुभव का मौका मिलता है। पार्क क्षेत्र में भ्रमण के दौरान पर्यटकों को हिरन, गुलदार, हाथियों को देखने और गतिविधियों को निहारने का मौका तो मिला है। लेकिन टाइगर को देखने की चाहत रखने वाले पर्यटकों मायूस होना पड़ रहा है।