ऋषिकेश। शिवपुरी स्थित यूसुफ बीच में पांच दोस्तों के साथ गंगा में स्नान कर रहे दो सगे भाई समेत तीन युवक गंगा की तेज धाराओं में बह गए। युवकों को गंगा में बहता देख अन्य दोस्तों में चीखपुकार मचनी शुरू हो गई। अन्य युवकों ने इसकी सूचना शिवपुरी चौकी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची चौकी पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू अभियान चलाया। रेस्क्यू टीम ने दो युवकों का शव कुछ ही दूरी पर बरामद कर लिए। जबकि एक युवक का अभी तक कुछ पता नहीं चल रहा है। एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है।
थाना मुनिकीरेती पुलिस ने बताया कि घटना शनिवार शाम करीब छह बजे की है। शिवपुरी के यूसुफ बीच पर दिनेश गौतम (57) पुत्र ज्योति प्रसाद, निवासी 939 संजय मार्ग, गांधीनगर नई मंडी मुजफ्फरनगर, मंजुल मनोहर (38) पुत्र जगदीश प्रसाद शर्मा निवासी बी- 42, रामविहार जौहरीपुर एक्सटेंशन नई दिल्ली, दीपक कुमार शर्मा (38) पुत्र देवीदयाल शर्मा, राजीव कुमार शर्मा (32) पुत्र देवीदयाल शर्मा, निवासी अंकित विहार, पंचेडा रोड निकट अनिल विधायक, नई मंडी मुजफ्फरनगर और आदित्य देव (36) पुत्र ज्ञानप्रकाश मकान नंबर 2047, संतोष विहार, सिविल लाइन मुजफ्फरनगर गंगा किनारे नहा रहे थे। इस दौरान दीपक, राजीव और आदित्य देव गंगा की तेज धाराओं में ओझल हो गए। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ के जवानों ने यहां से कुछ ही दूरी पर दीपक कुमार और राजीव के शव को बरामद कर लिया। लेकिन आदित्य देव गंगा की तेज धाराओं में ओझल हो गया। एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है। थाना पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भर, शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स में भेज दिया है।
दोस्तों के लिए लिए काला दिन बना शनिवार
ऋषिकेश। शिवपुरी स्थित यूसुफ बीच पर गंगा में स्नान कर रहे मुजफ्फरनगर के दो सगे भाइयों और दोस्तों के लिए शनिवार काला दिन साबित हुआ। दोनों सगे भाइयों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शनिवार को दीपक कुमार शर्मा (38) पुत्र देवीदयाल शर्मा, राजीव कुमार शर्मा (32) पुत्र देवीदयाल शर्मा, निवासी अंकित विहार, पंचेडा रोड, नई मंडी मुजफ्फरनगर निवासी समेत पांच दोस्तों के साथ घर से ऋषिकेश घूमने के लिए निकले थे। लेकिन शायद इन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिस गंगा नदी में वे स्नान के दौरान गंगा की तेज धाराओं में बह जाएंगें। थाना मुनिकीरेती पुलिस ने बताया कि ये दोनों भाई किसी मेडिकल कंपनी में काम करते थे। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के चलते ये तीर्थनगरी घूमने आ गए। छुट्टी मनाने के बाद रविवार को इन्होंने तीर्थनगरी से मुजफ्फरनगर वापस अपने घर लौटना था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। उनके घर पर उनके मृत शव पहुंचने की सूचना मिल गई।