पशु तस्करी का आरोप साबित होने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रजनी शुक्ला ने तीन तस्करों को तीन साल की कैद और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
दो जुलाई 2015 की रात कोतवाली पुलिस को गश्त के दौरान आईडीपीएल गोल चक्कर के समीप एक कार आती दिखाई दी।
शक होने पर पुलिस ने कार को पक रोका। धरपकड़ की कार्रवाई में चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार में सवार तीन लोगों को गिरफ्तार किया और कार की पिछली सीट पर रस्सी से निर्ममतापूर्वक बंधे पशु को मुक्त किया।
मामले में हेडकांस्टेबल महेंद्र सिंह पुंडीर ने हत्थे चढ़े तस्कर इमरान, मंसूर खान निवासी ग्राम चांदपुर, गागलहेड़ी, जनपद सहारनपुर और मेहरबान निवासी ग्राम श्रीचंदी, भगवानपुर, जनपद हरिद्वार के खिलाफ उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया।
तहकीकात के बाद चार्ज शीट कोर्ट में पेश की। शनिवार को मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रजनी शुक्ला की अदालत में हुई। दोष साबित होने पर तीनों तस्करों को तीन साल का कारावास पांच हजार अर्थदंड और तीन साल कारावास और दो हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।