श्यामपुर क्षेत्र में नियमविरुद्ध संचालि होती स्कूल वैन- संवाद
निजी स्कूल प्रबंधन ज्यादा कमाने के चक्कर में स्कूली वाहनों के लिए जारी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई वाहनों की फिटनेस खत्म होने की तारीख का इंतजार किया जा रहा है। छात्रों को जर्जर हो चुके वाहनों से ढोया जा रहा है। कई स्कूल संचालक व्यावसायिक नंबर पंजीकृत ओमनी वैन में छात्रों को ले जा रहे हैं।
परिवहन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई न किए जाने से इन वाहनों का खुलेआम नियम विरुद्ध संचालन हो रहा है। शुक्रवार को श्यामपुर के खदरी खड़क माफ और राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्कूल वाहनों की पड़ताल की गई। इस दौरान खदरी क्षेत्र में स्कूल की छुट्टी होने के बाद एक व्यावसायिक नंबर पर पंजीकृत ओमनी वैन में छात्र-छात्राएं बैठे थे। इसका रंग सफेद था। एक स्कूली छात्र ने अपनी गर्दन वैन से बाहर निकाली थी, जबकि नियमानुसार इस वैन का रंग पीला होना चाहिए था। इसके चारों ओर जाल लगा होना चाहिए था। छोटा फायर एग्स्टीग्यूसर सिलिंडर होना चाहिए था। इसी क्षेत्र में उत्तरांचल नंबर की कबाड़ हो चुकी स्कूल बस से भी छात्राें को ढोया जा रहा था। जब इस बस के ऑनलाइन कागज चेक किए गए तो पता चला कि इसकी फिटनेस 30 नवंबर 2025 को खत्म हो रही है। वहीं, दूसरी ओर भानियावाला, डोईवाला, रानीपोखरी क्षेत्र के निजी स्कूल प्रबंधकों की ओर से भी अपने वाहनों के रख-रखाव में लापरवाही बरती जा रही है। कई वाहन बिना फिटनेस के कबाड़ जैसे हो गए हैं। यह वाहन रोज-रोज खराब हो रहे हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन इनकी मरम्मत के बजाय फिटनेस की तारीख का इंतजार कर रहे हैं।