लक्ष्मणझूला डीएम कैंप कार्यालय से महज 10 किमी दूर फूलचट्टी संगम के समीप करोड़ों की लागत से बना श्मशान और स्नान घाट करीब पांच वर्षों से बदहाल बना हुआ है। घाट के समीप कुछ ही दूरी पर राष्ट्रीय खेल के अंतर्गत सलालम प्रतियोगिता प्रस्तावित है। घाट बदहाल होने से क्षेत्र की छवि धूमिल होगी।नमामि गंगे योजना के तहत वर्ष 2018 में हेंवल और गंगा के संगम स्थल फूलचट्टी में करीब छह करोड़ रुपये की लागत से श्मशान और स्नान घाट का निर्माण हुआ था। यमकेश्वर ब्लॉक के करीब 200 गांवों के लोग किसी के निधन पर दाह संस्कार के लिए फूलचट्टी संगम पर आते हैं। देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में यहां स्नान और प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के लिए आते हैं।
ग्रामीणों और सैलानियों की सुविधा के लिए फूलचट्टी में श्मशान घाट और एक स्नान घाट का निर्माण हुआ था। घाट की रखरखाव की जिम्मेदारी जिला पंचायत पौड़ी को सौंपी गई थी। वर्ष 2019 में गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्नान और श्मशान क्षतिग्रस्त हो गया। करीब पांच वर्ष का समय बीत गया है। लेकिन अभी तक जिला पंचायत पौड़ी ने बदहाल घाटों की सुध नहीं ली।
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उत्तराखंड 38वां राष्ट्रीय खेल की मेजबानी कर रहा है। इस आयोजन के तहत फूलचट्टी संगम पर भी सलालम खेल प्रस्तावित है। कई प्रांतों के खिलाड़ी इसमें शामिल होंगे, लेकिन घाट बदहाल होने से क्षेत्र की छवि धूमिल होगी। जिला पंचायत पौड़ी को तत्काल ध्यान देना चाहिए। भगत सिंह पयाल, टूरिस्ट टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन लक्ष्मणझूला
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गंगा किनारे बने स्नानघाट और श्मशान घाट बदहाल हैं। शौचालय गंदगी से भरे पड़े हैं। घाट पर लगे स्टील की रेलिंग करीब एक किमी तक बिखरी पड़ी हैं। सौर पैनल टूटे और बिखरे पड़े हैं। सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से यहां कई पर्यटक स्नान के दौरान जान भी गवां चुके हैं। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। - सत्यपाल सिंह राणा, सामाजिक कार्यकर्ता रत्तापानी
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फूलचट्टी में आयोजित होगा सलालम
हेंवल और गंगा नदी का संगम स्थल फूलचट्टी में चार, पांच और छह फरवरी को सलालम प्रतियोगिता आयोजित होगी। इस प्रतियोगिता में करीब 64 खिलाड़ी, 80 सपोर्टिंग स्टाफ समेत आठ प्रदेशों के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे।
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कोट
घाट की स्थिति की जानकारी के लिए स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। बदहाल घाट को दुरुस्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। - सुनील कुमार, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत पौड़ी
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बदहाल घाट को दुरुस्त करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही बदहाल घाटों को दुरुस्त किया जाएगा।
- अनिल चन्याल, एसडीएम यमकेश्वर