तहसील परिसर में पिछले तीन माह से शौचालय में ताला लटका हुआ है। जिससे कर्मचारियों के साथ ही विभिन्न कार्यों के लिए यहां आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तहसील प्रशासन का कहना है परिसर में पानी की किल्लत के चलते शौचालय पर ताला लगाया गया है।
वर्ष 2004 में यमकेश्वर तहसील भवन का निर्माण हुआ था। भवन में कर्मचारियों एवं अन्य लोगों की सुविधा के लिए शौचालय भी बनाए गए थे। लेकिन यहां एक शौचालय पर ताला लगाया गया है जबकि द्वितीय तल में स्थित एक अन्य शौचालय में मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसका उपयोग बैठक में आने वाले अधिकारी ही कर पाते हैं।
बीते बुधवार को तहसील में आपदा संबंधित बैठक आयोजित थी जिसकी अध्यक्षता एसडीएम अनिल चिन्याल द्वारा की गई थी। इस बैठक में विकासखंड के अलावा, सिंचाई विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा विभाग, ग्राम्य निर्माण विभाग के अलावा कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
शौचालय में ताला लटका होने के कारण लोग परेशान दिखे। इसके अलावा बुधवार को एसडीएम कोर्ट भी लगा था जिसमें दर्जनों लोग अपना पक्ष रखने एवं अन्य कोर्ट संबंधित कार्यों हेतु कोर्ट में उपस्थित हुए थे। जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग एवं बच्चे भी शामिल थे। दूर दराज क्षेत्रों से हर दिन दर्जनों लोग प्रमाणपत्र एवं भूमि संबंधी कागजातों के लिए तहसील पहुंचते हैं। शौचालय न होने से लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं।
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- यमकेश्वर तहसील में पानी की किल्लत है जिस कारण शौचालय में ताला लगा है। कर्मचारियों व अन्य लोगों की सुविधा का हर संभव ध्यान रखा जाता है। - अनिल चिन्याल, एसडीएम यमकेश्वर