क्या आप जानते हैं यह क्या है, इस कटोरे को देखकर आप यही सोच रहे होंगे की इस कटोरे में खाना खाया जाता है, या फिर इसमें मेहमानों को व्यंजन परोसा जाता है। यदि आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप गलत हैं। यह कोई खाना खाने वाला और मेहमानों को व्यंजन परोसने वाला कटोरा नहीं है, यह एक सिगिंग बॉल है। इसका प्रयोग मेडीटेशन के लिए किया जाता है। इस बॉल को बजाने से इसमें ओम नाम की ध्वनि उत्पन्न होती है, और इससे उठने वाली ध्वनि से मन एकाग्र होता है।
योगनगरी लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम क्षेत्र में विदेशी साधक मेडीटेशन के लिए इसका अधिक उपयोग करते हैं। मेटेल, एल्युमिनियम, अष्टधातु और पीतल के अलग-अगल धातुओं से बने इस बॉल को एक लकडी की सहायता से हथेली पर रखकर बजाया जाता है। इस गतिविधि के दौरान कटोरे से ओम नाम की ध्वनि सुनाई देती है। जिससे मन एकाग्र होने लगता है। यही कारण है कि साधक इसका अधिक इस्तेमाल करते हैं।
स्थानीय व्यापारी महेश अग्रवाल ने बताया कि तीन दशकों से विदेशी साधक सिगिंग बॉल के दिवाने हैं, मेडीटेशन के लिए विदेशी साधक इसे खरीदते हैं। इस बॉल की कीमत 200-8000 रुपये तक है। साधक अपने जेब के हिसाब से इसकी खरीदारी करते हैं।
ब्राजील साधक ओस्नी वाल्त्रीक ने बताया कि सिगिंग बॉल का इस्तेमाल करने से मन एकाग्र होता है। इसे हथेली पर रखकर बजाने से इसमें वाइब्रेशन होता है, जो मानसिक संतुलन के साथ ही मांश पेशियों के लिए लाभदायक होता है।