ऋषिकेश। डोईवाला विकासखंड के खदरी गांव की सीमा में रविवार सुबह सौंग नदी की बाढ़ का पानी घुस गया। जिससे गांव के सीमांत क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी तो उपजिलाधिकारी वरूण चौधरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया और ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। आपको बता दें कि बीते शनिवार के अंक में अमर उजाला ने खदरी क्षेत्र का दौरा कर गंगा और सौंग नदी के तटीय क्षेत्र में बाढ़ की आशंका जताते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी वरूण चौधरी को बताया कि सौंग नदी के बीचोबीच रिवर ट्रेनिंग होनी चाहिए, जबकि पोकलैंड मशीन लगाकर नदी का रूख गोहरीमाफी खदरी की ओर हो गया है। जिस स्थान पर पानी गांव की ओर बढ़ रहा है, वहां तटबंध बनाकर पानी की आमद को तत्काल रोका जाना चाहिए। जिस पर उपजिलाधिकारी ने सुरक्षा प्रबंधों के आदेश के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित करते हुए कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। इस दौरान मौके पर ग्राम प्रधान के न पहुंचने पर महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की। इस मौके पर दायित्वधारी राज्य मंत्री केके सिंघल, जिला गंगा सुरक्षा समिति के सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान आदि भी मौजूद थे।
बरसात के मौसम में वीरभद्र विस्थापित क्षेत्र के निचले हिस्से के अंतर्गत लक्कड़ घाट, खदरी के सीमांत क्षेत्र सहित गौहरीमाफी का गंगा लहरी क्षेत्र अब कटाव की श्रेणी में आ गया है। सबसे अधिक चिंताजनक बात ग्रामसभा खड़कमाफ के अंतर्गत निर्मित राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान गढ़ी श्यामपुर के निकट है। यहां हाल ही में हुए ऋषिकेश वन क्षेत्र के दस हेक्टेयर प्लांटेशन की सुरक्षा तारबाड़ के खंभे भू-कटाव के कारण नदी में गिरने लगे हैं। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण वन विभाग द्वारा कुछ माह पूर्व लगाया गया तार जाल सुरक्षाबंध भी जलमग्न हो गया है। दूसरी ओर गंगा की बाढ़ से जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण मां शकुंतला गोसेवा ट्रस्ट द्वारा गोशाला के समीप सेवला नाले पर बनाई गई पुलिया बह गई और निकासी के ह्यूम पाइपों में मलवा भर गया, जिसे स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर हटाया। साथ ही दस हेक्टेयर प्लान्टेशन भूमि क्षेत्र में भूकटाव अभी जारी है।
गौहरीमाफी में उफान पर रही सौंग नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
रायवाला। गौहरीमाफी गांव की सीमा से सट कर बह रही सौंग नदी देर रात की बरसात के चलते भारी उफान पर रही। उफानाई नदी का पानी गांव की सड़कों और दर्जनभर घरों में घुस गया।
शनिवार की देर रात रूक-रूक कर होती रही बरसात से सौंग नदी का जलस्तर बड गया। गौहरीमाफी गांव की सीमा से सट कर बह रही सौंग नदी का पानी गांव की सडकों और घरों में घुस गया। जिससे अफरा तफरी का मच गई। ग्राम प्रधान रोहित नौटियाल ने बताया कि गांव में देर रात को अचानक नदी का पानी बाढ की रूप में घुस गया था। जिससे कुछ घरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। सुबह होते-होते बाढ का पानी धीरे कम होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
श्यामपुर खाद्री में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करती प्रशासन की टीम।- फोटो : RISHIKESH