फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rishikesh News: ‘सबसे पहले सामाजिक समारोह में शराब पर लगे प्रतिबंध’

विज्ञापन
विज्ञापन
Iअमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रमI
विज्ञापन


सामाजिक समारोह के दौरान बढ़ रहा शराब का चलन युवा पीढ़ी को नशे की अंधेरी राह में धकेलने की पहली सीढ़ी है। समारोह के आयोजनों के दौरान शराब पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध के लिए कड़े कानून की आवश्यकता है। नशा मुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मां ही बच्चे की पहली शिक्षक होती है। वह बच्चे को बचपन से ही संस्कारवान बना कर उसे समाज की बुराइयों से बचा सकती है।

अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत मायाकुंड में नशामुक्त समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका विषय पर चर्चा की गई। सोनू तिवारी ने कहा कि नशामुक्त समाज निर्माण की पहल घर से शुरू की जानी चाहिए। सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिवार में कोई नशे का सेवन न करे। परिवार नशामुक्त होगा तो समाज स्वत: ही नशामुक्त होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




लतिका मंडल ने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। इसके लिए वृहद स्तर पर एक अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है। जिसमें शासन, पुलिस प्रशासन, नागरिक हर किसी की भागेदारी सुनिश्चित हो। प्रीति देवी ने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। इसकी शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से करनी होगी। आरती दास ने कहा कि बच्चों की हर मांग पूरी करना या फिर आवश्यकता से अधिक सुविधाएं देना भी बच्चों को कभी कभार गलत राह पर ले जाता है। बच्चों की वहीं मांग पूरी करनी चाहिए जो जरूरी हो। परिवार के माहौल का बच्चों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें