पिता की चिता को मुखाग्नि देती बेटी।
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सामाजिक पंरपराओं को तोड़ते हुए एक बेटी ने पिता को मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया। इस मार्मिक दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम थीं। हरिओम अरोड़ा (45) निवासी आवास विकास काफी समय से अस्वस्थ थे। उनका का हिमालयन अस्पताल, जौलीग्रांट में उपचार चल रहा था। शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई।
शनिवार दोपहर उनकी अंतिम यात्रा चंद्रेश्वरनगर स्थित श्मशान घाट पहुंची। दिवंगत हरिओम की दो बेटियां हैं। लिहाजा बड़ी बेटी 19 वर्षीय काजल ने पिता को मुखाग्नि दी। काजल ने बताया कि पिता उन्हें बेटे की तरह मानते थे।
हरिओम अरोड़ा के पारिवारिक मित्र विकास तेवतिया ने बताया कि दिवंगत हरिओम की पत्नी गृहणी हैं। बड़ी बेटी हिमालयन इंस्टीट्यूट में व्यावसायिक कोर्स कर रही है और छोटी बेटी बरखा नौवीं कक्षा की छात्रा है।