अपर जौलीग्रांट में हाथी द्वारा बुजुर्ग दंपती को मारे जाने के बाद वन विभाग ने उस हाथी की लोकेशन जानने के लिए टीमें गठित कर जंगलों के आसपास डेरा डाल लिया है। वन विभाग की टीमें उस हाथी को तलाश कर रही हैं। जिसने बुजुर्ग दंपती को पटक-पटककर मार डाला।
आशंका जताई जा रही है कि दंपती को मौत के घाट उतारने वाली मादा हाथी थी। जिसके साथ उसका बच्चा भी है। यह मादा हाथी पिछले कुछ दिनों से अपर जौलीग्रांट के जंगलों में घूमती पाई गई है। बुजुर्ग राजेंद्र पंवार के पेट पर हाथी ने पांव रखा था। उनके हाथ टूटे हुए थे। वहीं उनकी पत्नी सुशीला पंवार के चेहरे कुचले हुए थे।
अंतिम संस्कार से वापस आने के बाद वन विभाग की टीमें उस हाथी की तलाश में जुट गई हैं। जिससे उस हाथी की पहचान कर उसे जंगल से बाहर आने से रोका जा सके। बच्चे वाली मादा हाथी को काफी आक्रामक माना जाता है। इसलिए भविष्य में होने वाले खतरे को देखते हुए वन विभाग हाथी की तलाश में जुटा हुआ है।
वहीं जंगल के किनारे लगी फेंसिंग को दुरूस्त करवाया जा रहा है। जंगल किनारे बसे लोगों को जंगलों के अंदर न जाने की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं जंगल के मार्गों से गुजरने वाले लोगों को भी सचेत होकर आवाजाही करने को कहा गया है।
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लोगों को खतरे से बचाने के लिए वन विभाग की टीमें हाथी की लोकेशन तलाश करने में जुटी हुई हैं। हाथी की लोकेशन ट्रेस होने के बाद जरूरी सुरक्षा कदम उठाते हुए हाथी को आबादी क्षेत्र या सड़क पर आने से रोकने के प्रयास किए जांएगे। इससे लोगों को संभावित खतरे से बचाया जा सकेगा। - एनएल डोभाल, रेंजर थानो वन रेंज