ग्राम पंचायत थानो में पिछले एक वर्ष से सिंचाई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। इससे 1200 बीघा कृषि भूमि की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। किसान धान की फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने कहा कि वह विधायक, सिंचाई मंत्री से पाइप लाइन की मरम्मत की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्राम पंचायत थानो की ग्राम प्रधान बबीता तिवाड़ी ने कहा कि पिछले साल 19 अगस्त को आपदा में सिंचाई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक वर्ष बीतने के बाद भी इस सिंचाई पाइप लाइन की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा सका है। सिंचाई लाइन से थानो, चक तलाई, रामनगर डांडा, बडोगल आदि गांवों की लगभग 1200 बीघा कृषि भूमि पर सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। किसान धान की बुआई की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त सिंचाई लाइन के कारण खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे धान की फसल प्रभावित होना तय है।
कहा कि सिंचाई पाइप लाइन शीशमखाला का प्राकृतिक जलस्रोत से गोदी सेरा तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसकी मरम्मत के लिए क्षेत्रीय विधायक और सिंचाई मंत्री को अवगत कराया गया था। इस पर विधायक और सिंचाई मंत्री ने सिंचाई विभाग को कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्य नहीं हुआ है।
क्षतिग्रस्त सिंचाई पाइप लाइन का इस्टीमेट बनाकर शासन में वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही जल्द सिंचाई लाइन की मरम्मत का कार्य किया जाएगा।
- अतुल दुबे, अवर अभियंंता, सिंचाई खंड, देहरादून