65 वर्ष से अधिक की आयु वाले बुजुर्गों को नि:शुल्क देवधाम दर्शन कराने की योजना ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ’ अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी। जबकि सात मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा को ढाई माह हो चुके हैं। लेकिन, इसके बाद भी 80 बुजुर्गों को चारधाम यात्रा नहीं कराई गई। वहीं, जिम्मेदार अधिकारी इसके पीछे खराब मौसम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि सितंबर में मौसम साफ रहेगा, ऐसे में आवेदन कर चुके पात्रों को तब चारधाम यात्रा कराई जाएगी।
2013 में केदारघाटी में हुए जलप्रलय के बाद बाहरी प्रांतों के तीर्थयात्रियों में खौफ के चलते चारधाम यात्रा मंद पड़ गई थी। यात्रा को संकट से उबारने और यह संदेश देने की अब उत्तराखंड में सबकुछ ठीक है। इसके लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2015 में ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना’ शुरू की। बीते वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को शुरू हुई थी। इस दौरान नि:शुल्क यात्रा के लिए तीर्थनगरी से आवेदन करने वाले करीब 80 बुजुर्गों को बदरीनाथ और गंगोत्री के दर्शन जून माह में कराए गए। लेकिन, इस साल ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ’ योजना चारधाम यात्रा के ढाई महीने बाद भी परवान नहीं चढ़ सकी है। जबकि योजना के तहत गंगोत्री के लिए 40 और बदरीनाथ के लिए 20 वृद्घ यात्री बीटीसी स्थित पर्यटन विभाग के सूचना केंद्र में जून में ही आवेदन कर चुके हैं।
यह हाल तब है, जब यात्रा मार्ग पर बुजुर्गों के ठहरने और खाने की व्यवस्था का शेड्यूल जीएमवीएन जुलाई के प्रथम सप्ताह में पर्यटन विभाग को उपलब्ध करा चुका है। इससे पहले पर्यटन विभाग शेड्यूल नहीं मिलने को यात्रा में खलल बता रहा था।
यात्रा मार्ग पर बुजुर्गों के ठहरने और खाने का शेडयूल मिल चुका है। खराब मौसम के चलते यात्रा प्रभावित हुई है। संभवत: सितंबर में मौसम साफ रहेेगा, तब ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ’ योजना में आवेदन कर चुके पात्र बुजुर्ग गंगोत्री धाम के दर्शन कर सकेंगे। - युद्घवीर सिंह कोहली, प्रभारी, सूचना केंद्र पर्यटन विभाग