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I4 नवंबर को हर वर्ष गंगा दिवस के रूप में मनाता है गंगा विश्व धरोहर मंचI
गंगा विश्व धरोहर मंच ने गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित किए जाने की वर्षगांठ को गंगा दिवस के रूप में मनाया। इसके तहत श्रीदेव सुमन विवि के ऋषिकेश परिसर में गंगा की जैव विविधता विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया।
शनिवार को विज्ञान संकाय भवन में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन परिसर के विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. जीके ढींगरा ने किया। प्रो. ढींगरा ने कहा कि राष्ट्रीय नदी गंगा की पवित्रता के लिए युवाओं व आमजनों में निष्ठा व सक्रियता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने छात्र-छात्राओं को गंगा की पारिस्थितिकी व जैव-विविधता पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमृत तुल्य गंगाजल में अन्य नदियों के जल की तुलना में ऑक्सीजन की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है। साथ ही दूसरी नदियों की तुलना में गंगा में गंदगी को हजम करने की क्षमता यानि स्वद्धिकरण क्षमता 20 गुना अधिक पाई जाती है।
लेकिन प्रदूषित होने के कारण जलीय जीवों का अस्तित्व खतरे में है जबकि गंगा नदी में महत्वपूर्ण व दुर्लभ जलीय जीवों समेत मछलियों की 140, सरीसृपों की 35 और स्तनधारी जीवों की 42 प्रजातियां पाई जाती हैं। उत्तराखंड रेडक्रास सोसायटी के सचिव हरीश शर्मा ने गंगा जल के महत्व पर जानकारी दी। राजीव खत्री ने गंगा के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में एमएलटी फैकल्टी व गंगा क्लब के वालिंटियर रजत, दीक्षा व गुंजन ने भी विचार व्यक्त किए।