मुनिकीरेती क्षेत्र में राजकीय पशु अस्पताल के पास पिछले कई दिनों से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। सोमवार को भी क्षेत्र की पशुपालन कॉलोनी में गुलदार आ धमका। वन विभाग इसे जंगली बिल्ली बता रहा है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह गुलदार है। दिन में भी इसकी सक्रियता से स्थानीय लोग खौफजदा हैं।
पूर्व में उन्होंने डीएफओ को ज्ञापन देकर क्षेत्र में गश्त बढ़ाए जाने की मांग की थी, लेकिन नरेंद्रनगर वन प्रभाग व शिवपुरी रेंज के अधिकारी इसे जंगली बिल्ली बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। बता दें कि मुनकीरेती अर्द्ध कुंभ मेला क्षेत्र में आता है।
यहां कई बड़े आश्रम के साथ ही प्रसिद्ध मंदिर भी हैं, जिनमें इन दिनों श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। बीते कई दिनों से इस क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता की वजह से लोगों में खौफ है, लेकिन विभागीय अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मुनिकीरेती नगर पालिका सभासद मनीष कुकरेती ने कहा कि जब पहली बार गुलदार देखा गया था, तभी विभाग को सूचना दी गई थी। अब दिन में भी गुलदार की आमद से लोगों में भय व्याप्त है। इस संबंध में डीएफओ को ज्ञापन देकर गश्त बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की गई थी, लेकिन विभाग क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं है।
मुनकीरेती में पशुपालन कालोनी के आसपास दिन में गुलदार की कोई सक्रियता के पुख्ता प्रमाण नहीं हैं। हो सकता है स्थानीय लोग जंगली बिल्ली को गुलदार समझ रहे हों। हालांकि लोगों की शिकायत पर क्षेत्र में गश्त की जाएगी।-बीएल टम्टा, रेंज अधिकारी, शिपपुरी
कब-कब दिखा गुलदार
18 जनवरी : मुनकीरेती क्षेत्र में पहली बार गुलदार 18 जनवरी को देखा गया। प्रत्यक्षदर्शी दिवाकर मटियाल के मुताबिक उन्होंने क्रेजी रोड में रात के करीब 10 बजे गुलदार दिखा। इस समय वह अपने घर लौट रहे थे।
20 जनवरी : क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता मालूम चलने के दूसरे ही दिन दोबारा क्रेजी रोड में गुलदार देखा गया। प्रत्यक्षदर्शी संजीव गौड़ ने बताया कि उन्होंने क्रेजी रोड में दोपहर 2.30 बजे गुलदार देखा, जिसके बाद वह शोर मचाते हुए वहां से भागे।
01 फरवरी: स्थानीय निवासी संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने पशुपालन कॉलोनी के गेट नं.-2 के पास दोपहर तीन बजे गुलदार देखा। उनका कहना है कि वन विभाग जंगली बिल्ली बताकर सिर्फ जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।