वन सीमा से सटे गांवों में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। देर रात हाथियों के झुंड ने जौलीग्रांट में किसानों की तैयार खड़ी गन्ने और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। इतना ही नहीं, थानों रोड पर घूूम रहे टस्कर ने एक बाइक को क्षतिग्रस्त कर अपना गुस्सा दिखाया।
हाथियों के हमलावर तेवर देखकर गांव में दहशत का माहौल है। थानों वन रेंज से सटे जौलीग्रांट गांव में हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों के लिए आफत खड़ी कर दी। शुक्रवार देर रात आधा दर्जन हाथियों का झुंड आबादी क्षेत्र में आ धमका और किसानों की गेहूं व गन्ने की फसल को रौंदने लगा।
हाथियों ने चांठो मोहल्ला और सेन चौकी के पास आदेश कृषाली, रघुुबीर सोलंकी, कमल किशोर, कमेशु आदि किसानों की कई बीघा फसलों को रौंद डाला। हाथियों का गुस्सा यहीं नहीं थमा। जौलीग्रांट थानों मार्ग पर टस्कर ने एक बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि रात में बाइक सवार वाहन छोड़कर भाग गया था।
एकाएक हाथियों की आमद बढ़ने और उनके हमलावर होने से जौलीग्रांट के लोगों को जानमाल का भय सता रहा है। जौलीग्रांट ग्राम प्रधान सागर मनवाल ने बताया कि गांव में रोजाना आ रहे हाथियों के झुंड से ग्रामीण परेशान हैं। वन विभाग से क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा मांगा गया है।
थानों रेंजर शैलेंद्र नेगी ने बताया कि विभागीय टीम हाथियों को खदेड़ने के लिए आतिशबाजी आदि के साथ सक्रियता से जुटी हुई है। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में जल्द खाई आदि खोदने का काम किया जाएगा।