एम्स संविदा कर्मियों को समझाते प्रशासनिक अधिकारी।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के अधीन एक प्राइवेट फर्म में कार्यरत ठेका कर्मियों ने वेतन से कटौती पर जमकर हंगामा किया। कर्मियों ने कामकाज ठप कर एम्स परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कार्य प्रभावित होने पर एम्स अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचे। काफी जद्दोजहद के बाद उचित कार्रवाई के आश्वासन पर कर्मी शांत हुए।
एम्स परिसर में शुक्रवार सुबह उस समय हंगामा हो गया, जब वेतन का भुगतान ऑनलाइन खाते में आया। वेतन में 2000 से 2800 की कटौती होने पर ठेकाकर्मी आक्रोशित हो गए। एम्स में फर्म का कार्य देख रहे कर्मी से पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो ठेका कर्मी कामकाज छोड़कर एम्स परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए और वेतन से हुई कटौती को वापस करने की मांग पर अड़ गए।
ठेका कर्मियों के अनुसार पुलिस सत्यापन के नाम पर वेतन से कटौती की गई है। प्राइवेट फर्म मॉस मैनेजमेंट है। एम्स का कार्य प्रभावित होने पर एम्स अधिकारी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे ठेका कर्मियों व दिल्ली फर्म के अधिकारी से वार्ता की। वेतन कटौती का भुगतान जल्द करने का आश्वासन मिलने पर कर्मी शांत हुए। इसके बाद एम्स में राहत मिली।