मूल निवास 1950, मजबूत भू-कानून और ऋषिकेश में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ 29 सितंबर को स्वाभिमान महारैली आयोजित की जाएगी। महारैली में करीब 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
ढालवाला स्थित चंद्रा पैलेस में बुधवार को मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसहमति से निर्णय लिया गया है कि ऋषिकेश में 29 सितंबर को स्वाभिमान महारैली आयोजित की जाएगी।
समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि हमारी जमीनों पर बाहर के लोग रिजॉर्ट बना रहे हैं। हमारे लोगों को नौकर बना रहे हैं। हम अपने लोगों को मालिक बनता हुआ देखना चाहते हैं। ऋषिकेश एम्स में राजस्थान के लोग भर्ती हुए हैं। जबकि इन नौकरियों पर यहां के मूल निवासी का पहला अधिकार था। सरकारी और प्राइवेट नौकरियों पर बाहर से आने लोग कब्जा जमा रहे हैं। ऋषिकेश में अवैध शराब के साथ ही ड्रग्स का कारोबार भी फल फूल रहा है। आज संघर्ष नहीं किया तो हम सभी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
संघर्ष समिति के सह संयोजक लुसुन टोडरिया और सचिव प्रांजल नौडियाल ने कहा कि हमें अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लड़ना है। समानता पार्टी के महासचिव लक्ष्मी प्रसाद रतूड़ी, राष्ट्रीय जनता पॉवर के अध्यक्ष सुरेंद्र नेगी ने कहा कि जब तक मूल निवास और मजबूत भू-कानून लागू नहीं हो जाता, तब तक हम सभी का अस्तित्व खतरे में है। उषा चौहान, सरोजनी थपलियाल, कुसुम जोशी ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का समय आ गया है।
इस मौके पर महिपाल बिष्ट, आशुतोष कोठारी, सुरेंद्र भंडारी, घनश्याम नौटियाल, सत्येंद्र चौहान, अनिल बहुखंडी, विजय असवाल, संजय बडोला आदि मौजूद रहे।
मोहल्लों में टीमों का गठन कर लोगों को जोड़ने की तैयारी
सभी लोग आईडीपीएल में एकत्रित होंगे और यहां से महारैली त्रिवेणी घाट तक निकाली जाएगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए प्रत्येक मोहल्ले में टीमों का गठन, महिलाओं, युवाओं, पूर्व सैनिकों, व्यापारियों, पूर्व कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों से जनसंपर्क कर उन्हें आंदोलन से जोड़ा जाएगा।