यमकेश्वर। शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही सिद्धपीठ भुवनेश्वरी माता मंदिर भौंन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नवरात्रि के प्रथम दिन रविवार को मंदिर में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर को आकर्षक फूल-मालाओं से सजाया गया जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।
नवरात्रि की तैयारियां मंदिर में शनिवार से ही शुरू कर दी गई थीं। रविवार सुबह से ही माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। हर वर्ष की भांति इस बार भी कोठार, दिउली, मलेलगांव, खरगोसा, बंसटोला, मराल, तलाईं, तोली और पुण्डरासु सहित आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचे। अपनी कुलदेवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी ग्रामीण भी नवरात्रि के अवसर पर अपने पैतृक गांव पहुंचे हैं। इससे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और रौनक देखने को मिल रही है। भुवनेश्वरी धाम की मान्यता केवल यमकेश्वर क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है बल्कि उत्तराखंड के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालु यहां माता के दर्शन करने, पूजा-अर्चना करने और मन्नत मांगने पहुंचते हैं। जिला पंचायत सदस्य भादसी गीता देवी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर में श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं, नवरात्रि मेले के लिए स्थानीय दुकानदारों में भी खासा उत्साह है। मंदिर परिसर और आसपास दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से इस बार अच्छा कारोबार होगा।