टिहरी को राजशाही से मुक्ति दिलाने वाले अमर शहीद श्रीदेव सुमन की आज दसवीं पुण्यतिथि है। पर अब तक राजीव ग्राम में श्रीदेव सुमन की मूर्ति स्थापित नहीं हो पाई है। साल 2005-06 में राजनैतिक लाभ पाने को शहीद की प्रतिमा स्थापित करने के लिए यहां पर शिलापट्ट का अनावरण किया गया था। वहीं देखरेख के अभाव में वीर शहीद का स्मारक स्थल वीरान पड़ा हुआ है। पशु-पक्षियों के अलावा यहां कोई झांकने तक नहीं जाता है। स्मारक स्थल के चारों तरफ गंदगी पसरी हुई है।
नगरपालिका मुनिकीरेती के अंतर्गत नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुस्तकालय भवन राजीव ग्राम के प्रांगण में 2005-06 में श्रीदेव सुमन मूर्ति की स्थापना के लिए तत्कालीन विधायक सुबोध उनियाल ने स्मारक स्थल पर शिलापट लगाकर अनावरण किया था। यह स्थान पर शहीद श्रीदेव सुमन की मूर्ति स्थापित की जानी थी। लेकिन शिलापट अनावरण के बाद जन प्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी स्मारक स्थल पर शहीद की मूर्ति स्थापित करना भूल गए। तब राजीव ग्राम का यह क्षेत्र ढालवाला ग्राम पंचायत के अंतर्गत था। मई 2014 ग्राम पंचायत ढालवाला नगर पालिका मुनिकीेरेती में विलय हो गई। उसके बाद भी पालिका अधिकारियों ने मूर्ति स्थापना करने की कोई सुध नहीं ली।
कौन थे श्रीदेव सुमन
श्रीदेव सुमन का जन्म 25 मई 1916 को टिहरी जिले के चंबा विकास खंड के जौल गांव में हुआ था। बचपन से ही क्रांतिकारी विचारों के सुमन 19 वर्ष की उम्र में ही गांधी जी के नमक सत्याग्रह आंदोलन में कूद गए थे। टिहरी को राजशाही से मुक्त कराने के लिए 84 दिनों तक अनशन करते हुए 25 जुलाई 1944 को उनकी मृृत्यु हो गई।
ग्राम पंचायत के पास इतना बजट नहीं आता है कि शहीद की प्रतिमा लगाई जा सके। श्रीदेव सुमन की मूर्ति विधायक निधि से बनाई जानी थी। लेकिन 2007 में नरेंद्रनगर विधानसभा में राजनितिक फेरबदल हो गया था। इसलिए श्रीदेव सुमन की मूर्ति स्थापित नहीं हो पाई।
रोशन रतूड़ी, पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत ढालवाला
नेताजी सुभाष चंद्र बोस फेडरेशन ने वहां पर श्रीदेव सुमन की प्रतिमा बनाने की बात की थी। लेकिन प्रतिमा नहीं बनी। सुभाष चंद्र बोस फेडरेशन से इस बारे में जानकारी ली जाएगी। यदि उन्होंने मना किया तो पालिका अपने स्तर से श्रीदेव सुमन की मूर्ति स्थापित करेगी।
शिवमूर्ति कंडवाल अध्यक्ष, नगरपालिका मुनिकीरेती