इक्की, दुक्की पान की जय भोले भगवान की..., उद्घोष के साथ शनिवार को करीब एक लाख 70 हजार शिवभक्तों ने प्राचीन शिवालय नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक किया। शनिवार को पंचक के दूसरे दिन भी शिवभक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। देरशाम तक मंदिर में जल चढ़ाने के लिए शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा रहा। श्रावणमास कांवड़यात्रा में पांचवे दिन अब तक साढ़े चार लाख से अधिक शिवभक्त महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित कर चुके हैं।
शनिवार को तीर्थनगरी में शिवभक्तों ने मोक्षदायिनी में आस्था की डुबकी लगाई और गंगाजली भरकर बम,बम भोले, हर हर महादेव जयकारों के साथ प्राचीन शिवालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान मणिकूट घाटी सुबह से देरशाम तक केसरिया रंग में रंगी रही।
नीलकंठ में बह्ममूर्हुत से शुरु हुआ दर्शन और जलाभिषेक का क्रम देरशाम सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा। मंदिर समिति के अनुसार सुबह से हो रही बारिश के बाद भी शिवभक्तों की संख्या में कोई गिरावट नहीं आयी। शिवालय में जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर से नीलकंठ पैदल मार्ग पर करीब एक किमी की दूरी तक शिवभक्तों की लंबी कतार लगी रही। वहीं मंदिर परिसर में लाखों तादाद में उमड़ने वाले शिवभक्तों के लिए पौड़ी प्रशासन और नीलकंठ मंदिर समिति द्वारा समुचित व्यवस्थायें जुटाई गई हैं। जिनका शिवभक्त भरपूर लाभ उठा रहे हैं।