एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिल और फेफड़े के हाईडेटिड (जलोदर रोग) से पीड़ित युवक का सफल ऑपरेशन किया है। युवक लंबे समय से उक्त बीमारी से जूझ रहा था। एम्स कि चिकित्सकों ने बताया कि उक्त रोग दिल में पाया जाना अत्यधिक दुर्लभ है।
एम्स में उत्तर प्रदेश निवासी युवक उपचार के लिए पहुंचा। जिसे सांस फूलने और बलगम में खून आने की शिकायत थी। चिकित्सकीय जांच में उनके दोनों फेफड़ों के साथ दिल में भी हाईडेटिड (जलोदर रोग) पाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पता चला कि इस जटिल बीमारी के कुछ अंश राइट वेंट्रिकल से टूटकर फेफड़ों की नसों में भी पहुंच चुके हैं। संस्थान के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. भानु दुग्गल और डॉ. यश श्रीवास्तव ने मरीज की इको जांच की। इसके बाद पल्मोनोलॉजी विभाग में डॉ. मयंक मिश्रा और डॉ. रूचि दुआ ने ब्रोंकोस्कोपी जांच की और केस को शल्य चिकित्सा के लिए सीटीवीएस विभाग के पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन को रेफर किया गया।
मरीज की पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन डॉ. अनीश गुप्ता की टीम ने सर्जरी कर हाईडेटिड (जलोदर रोग) को दिल और दोनों फेफड़ों से एक साथ निकाला। ऑपरेशन के बाद से मरीज स्वस्थ है। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने जटिल ऑपरेशन की सफलता के लिए डॉ. अनीश गुप्ता और उनकी टीम की सराहना की। सर्जरी में डॉ. अजय मिश्रा, डॉ. अभिशो, डॉ. ईशान, डॉ. शुभम, नर्सिंग विभाग से केशव, मोहन, धरम, चांद, संतोष ने सहयोग किया।