एम्स ऋषिकेश में विकृत लाल रक्त कणिकाओं (आरबीसी) को रक्तदान से निकाली हुई सामान्य लाल रक्त कणिकाओं से बदलने की जटिल चिकित्सकीय प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने चिकित्सकीय टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी है। चिकित्सकों के अनुसार एम्स में कूल्हे में ऐ वेस्कुलर नेक्रोसिस की बीमारी से ग्रसित महाराष्ट्र निवासी एक 22 वर्षीय महिला को हड्डी रोग विभाग में भर्ती किया गया। ऐसी बीमारी उसे सिक्कल सेल नामक बीमारी से हुई थी। सिक्कल सेल नामक बीमारी की वजह से मरीज की सर्जरी नहीं हो पा रही थी। महिला की ऐ वेस्कुलर नेक्रोसिस सर्जरी संभव हो सकी। यह प्रक्रिया विभागाध्यक्ष डॉ. गीता नेगी की देखरेख में डॉ. दलजीत कौर, डॉ. सुशांत कुमार मीनिया, डॉ. आशीष जैन के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस अवसर पर ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. गीता ने कहा कि एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत की अगुवाई में संस्थान के चिकित्सक नियमिततौर पर नए व जटिल मामलों को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं।