विधान सभा और लोकसभा चुनाव की तर्ज पर इस बार छात्रसंघ चुनाव में नोटा यानि नन ऑफ दी एबव की शुरुआत हो गई है। मतलब एक सितंबर को डोईवाला महाविद्यालय में होने वाले छात्रसंघ चुनाव में बैलेट पेपर में मतदाताओं को नोटा का ऑप्शन भी दिखाई देगा। जिसके जरिये स्टूडेंट्स को नोटा का विकल्प मिलेगा। मुख्य चुनाव अधिकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय की ओर से नोटा को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
महाविद्यालयों में होने वाले छात्र संघ चुनाव में भी नोटा की शुरुआत हो गई है। मतदाताओं को यदि उम्मीदवार पसंद नहीं है तो नोटा पर मुहर लगा सकते हैं। यहां बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग ने दिसंबर 2013 के विधानसभा चुनाव में ईवीएम मशीनों में नोटा का बटन मतदाताओं को विकल्प के तौर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसी तर्ज पर छात्र संघ चुनाव में पहली बार छात्र-छात्राएं नोटा इस्तेमाल करेंगे। उन्हें बैलेट पेपर में नोटा का विकल्प देने की व्यवस्था की जा रही है।
डोईवाला महाविद्यालय में छात्र संघ चुनाव में छह पदों और कार्यकारिणी के सदस्य के प्रत्येक पद के अंत में नोटा का विकल्प दिखाई देगा। देखना होगा कि छात्र संघ चुनाव में नोटा कितना कारगार साबित होगा। यदि कई छात्र-छात्राओं ने इस पर मुहर लगाई तो उम्मीदवारों को अपने को तराशने की आवश्यकता होगी।
विश्वविद्यालय की ओर से मिली गाइडलाइन में बैलेट पेपर में नोटा को अनिवार्य रूप से विकल्प के तौर पर उपलब्ध कराने के निर्देश मिले हैं। बैलेट पेपर में नोटा की व्यवस्था कर दी गई है। डॉ. एसपी सती, मुख्य चुनाव अधिकारी, डोईवाला महाविद्यालय