सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को तीर्थनगरी में वित्तीय कारोबार ठप रहा। लेन देन के लिए बैंकों की चौखट तक पहुंचे लोग शटर में ताला लटका देख बैरंग लौटे। इस दौरान अधिकांश एटीएम भी बंद रहे, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं, मांगों के समर्थन में बैंक कर्मियों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
आल इंडिया बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर उत्तरांचल इंपलाइज यूनियन शाखा से जुड़े बैंक कर्मी और अधिकारी लंबित मांगों के समर्थन में शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल पर रहे। सुबह से ही सभी बैंकों में ताले लटके रहे। वित्तीय लेन-देन और अन्य बैंक संबंधी कार्य से बैंक पहुंचे लोगों को निराशा हाथ लगी।
यूनियन शाखा सचिव मयंक शर्मा के नेतृत्व में बैंक कर्मी रेलवे रोड स्थित एसबीआई शाखा के सामने एकत्रित हुए। उन्होंने 10वें द्विपक्षीय समझौते के हनन को रोकने, सहयोगी बैंको में कैरियर प्रोग्रेशन स्कीम सीपीसी वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
कहा कि बैंक कर्मियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो बैंक कर्मी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में कृष्णपाल, डीएस रावत, सुरेश भट्ट, संजय शर्मा, अनुराग बडोला आदि शामिल थे।
खुले बैंक बंद कराए
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक हड़ताल में शामिल नहीं थे। सुबह बैंक की शाखाओं में सुचारू रूप से कार्य चल रहा था। तभी हड़ताली कर्मी बैंकों में आ धमके और काम कर रहे बैंक कर्मियों, अधिकारियों को बाहर निकाल कर बैंक बंद करवा दिया। इसके बाद शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
करोड़ों का क्लियरिंग हाउस प्रभावित
सार्वजनिक क्षेत्रों की बैंकों की हड़ताल के चलते एसबीआई शाखा में लगने वाला चेक क्लियरिंग हाउस प्रभावित रहा। उत्तराचंल बैंक इंपलाइज यूनियन के संयुक्त सचिव कृष्णपाल ने बताया कि करीब 20 करोड़ के चेकों का क्लियरेंस नहीं हो पाया।