धर्मूचक के ग्रामीणों ने पुलिस और तहसील प्रशासन पर अवैध खनन रोकने में नाकाम रहने पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीण एकजुट होकर रात्रि गश्त करेंगे। शुक्रवार का धर्मूचक गांव मेें ग्रामीणों ने बैठक कर एक स्वर में अवैध खनन का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की नदियों में अवैध खनन रोकने में पुलिस बल और स्थानीय तहसील प्रशासन विफल साबित हो गया है। बैठक को संबोधित करते हुए मारखम ग्रांट ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह बाउ ने कहा कि अवैध दोहन से नदियों का स्वरूप बिगड़ रहा है, जो भविष्य में बेहद नुकसानदायक साबित होगा।
खनन रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों को विशेष अभियान चलाना चाहिए। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अवैध खनन कर भंडारण कर रहे लोगों पर ठोस कार्रवाई से परहेज कर रहे हैं। विगत रात्रि में ग्रामीणों ने ही अवैध खनन में लिप्त एक ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी थी।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि विभागीय अधिकारी जल्दी ही प्रभावी कार्रवाई नहीं करेंगे तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। तय किया गया कि ग्रामीण रात्रि गश्त कर नदियों में होने वाले अवैध खनन को रोकने का प्रयास करेंगे। बैठक में हरि किशोर, किरन कश्यप, वीरेंद्र कुमार, सुदेश सहगल, परमजीत सिंह, जसवीर सिंह, विनीत पेगेंवाल आदि मौजूद रहे।