डेंगू से बचने के लिए नगर निगम के स्वर्ण जयंती सभागार में जागरुकता तथा सुझाव बैठक आयोजित हुई। बैठक में एम्स के फिजिशियन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि देहरादून में डेंगू ने अपने पैर पूरी तरह से पसार लिए हैं। देहरादून से ऋषिकेश की दूरी ज्यादा नहीं है, इसलिए हमें इससे बचने के उपाए करने होंगे। उन्होंने बताया कि डेंगू का मच्छर अपने आसपास के करीब पांच सौ मीटर के दायरे में खतरा पैदा करता है। यानी किसी को डेंगू हुआ तो मानना चाहिए कि करीब 50 अन्य घरों पर भी इसका खतरा मंडरा रहा है। लिहाजा डेंगू को जड़ से खत्म करने के लिए उसको पनपने से ही रोकना होगा।
इसके लिए नगर निगम, आशाओं, जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन के साथ ही आम नागरिक को मिलकर कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि डेंगू को जड़ से खत्म करने पर काम करना होगा। इसके लिए जागरुकता बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि एम्स ने आशाओं के साथ मिलकर कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत प्रत्येक दिन एम्स के मेडिकल छात्रों की टीम, चिकित्सक और आशाएं अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं।
मेयर अनिता ममगाईं ने कहा कि जागरुकता के अभाव में डेंगू का मच्छर पनप रहा है। इसके लिए घरेलू उपायों को भी अपनाना होगा। उन्होंने बैठक के जरिए जनप्रतिनिधियों तथा आशाओं से लोगों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरुकता बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि डेंगू को जड़ से खत्म करने पर सभी को काम करना होगा। इस मौके पर नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान, सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, पार्षद राकेश मियां, गुरविंदर, भगवान सिंह, लव कांबोज, गौरव कौशिक, सुंदरी कंडवाल, राधा रमोला, मनीष बनवाल आदि उपस्थित रहे।
सोमवार से ब्लड सैंपल लिए जाएंगे
ऋषिकेश। डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि सेवल प्लस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक क्षेत्र में चलाए जा रहे जागरुकता अभियान में सोमवार से परिवर्तन किया गया है। सोमवार से एम्स की मेडिकल टीम आशाओं के साथ ऐसे लोगों को भी चिह्नित करेगी, जिन्हें तेज बुखार हो और डेंगू की चपेट में आने की पूरी संभावना हो। ऐसे लोगों का मौके पर ही मेडिकल टीम ब्लड सैंपल लेगी, जिसे एम्स की लैब में भेजा जाएगा। यदि डेंगू की पुष्टि होती है तो उन्हें एम्स में भर्ती भी किया जाएगा।