डॉ. सीएस नौटियाल
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डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी के नाम विश्वस्तरीय उपलब्धि दर्ज हुई है। यूनिवर्सिटी में सेवाऐं दे रहे डॉ. प्रकाश कैशवय्या और और डॉ. सीएस नौटियाल को दुनिया के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है। अमेरिका कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों के डाटा का विश्लेषण कर यह रैकिंग जारी की है। एसआरएचयू के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है। विद्यार्थी शीर्ष वैज्ञानिकों के अनुभवों का लाभ उठा सकेंगे।
विश्लेषण में एक लाख वैज्ञानिक शामिल
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय कैलिफोर्निया की ओर से मुख्य रूप से 22 शोध क्षेत्रों में वैज्ञानिकों के डाटा बेस का विश्लेषण किया गया। दुनिया भर के एक लाख वैज्ञानिक शामिल हुए यरोलॉजी और नेफ्रोलाजी के क्षेत्र में भारत के सात वैज्ञानिकों को शामिल किया। जिसमें एसआरएचयू के डॉ. प्रकाश कैशवय्या जबकि माइक्रोबॉयोलॉजी के क्षेत्र में कुल 13 वैज्ञानिकों को शामिल किया। जिसमें डॉ. सीएस नौटियाल को दुनिया के शीर्ष दो फीसदी भारतीय वैज्ञानिकों में शामिल किया गया।
डॉ. प्रकाश कैशवय्या को मिला यूरो और नेफ्रोलाजी के क्षेत्र में सम्मान
डोईवाला। आईआईटी मद्रास से बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ सांइस किया। बाये मेडिकल शोध पत्र के क्षेत्र में पीएचडी की। शरीर विज्ञान के क्षेत्र में एमएस किया। 15 साल अकेडमिक रिसर्च के बाद अमेरिका के शिकागो में बैकस्टर हैल्थकेयर कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट बन गए। उन्हें कई राष्ट्रीय योग्यता छात्रवृत्ति और प्रतिष्ठित पुरूस्कार मिल चुके है। डॉ. कैशवय्या एचआईएचटी के संस्थापक डॉ. स्वामीराम के अनुयायी है। संवाद
डॉ. सीएस नौटियाल को माइक्रोबायलाजी के क्षेत्र में मिला सम्मान
डोईवाला। एसआरएचयू में बतौर सांइटिफिक एडवाइजर के पद पर सेवा दे रहे है। साल 1977 में वनस्पति विज्ञान में एमएससी के करने के बाद पीएचडी की। दून विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। उन्हें रिसर्च एंड डवलपमेंट के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। एसआरएचयू के रिसर्च और डेवलपमेंट कार्य को मजबूत करने की योजना बना रहे है। अगले चार-पांच सालों में पेटेंट, प्रकाशन और प्रौद्योगिकी के निर्माण की उम्मीद है।
डॉ. प्रकाश के सवैया ।- फोटो : RISHIKESH