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गुरु साक्षात परब्रह्म तस्मै श्रीगुरुवै नम:

Wed, 20 Jul 2016 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
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गुरु पूर्णिमा पर्व पर विभिन्न धार्मिक संस्थानों, मठ-मंदिरों में अनुयायियों, श्रद्धालुओं ने गुरुदेव की पूजा अर्चना कर गुरु दीक्षा ली। इस मौके पर लोगों ने सत्संग सभाओं में भी भाग लिया। मंगलवार को गुरु पूर्णिमा (व्यास पूजा) पर्व पर विभिन्न स्थानों पर गुरु पूजन, प्रवचन सभाएं आयोजित की गईं। श्रीजयराम आश्रम में परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सानिध्य में गुरु पर्व मनाया गया। अनुयायियों ने ब्रह्मलीन जयराम महाराज और देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी का स्मरण किया।
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परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने लोगों को संस्कारों के साथ सामाजिक सद्भाव कायम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु में ईश्वर का अंश होता है इसलिए वह समाज में मानव कल्याण के लिए अंधकार से प्रकाश का मार्ग प्रशस्त करता है। इस मौके पर आचार्य मायाराम रतूड़ी, सूरज गुलहाटी, प्रेमचंद गोयल, गौरीशंकर, राजेश शर्मा, जगदीश, राम अवतार, ओम प्रकाश नरेला, प्रदीप जैन व नारायण भारद्वाज आदि उपस्थित थे। लक्ष्मणझूला स्थित सच्चा धाम आश्रम में गुरु पूर्णिमा बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। भक्तों ने महाराज सच्चा धाम का विशेष पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया।

उधर, गीता आश्रम में अखंड रामायण का पाठ किया गया। तीन दिनों तक श्री हरि जी महाराज ने योग की कक्षाएं संचालित की। संतों ने प्रवचन किए। महंत स्वामी स्वधार्मानंद, बाल योगी प्रेमवाणी ने गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रवचन किए। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक गुप्ता, डा. भारती गुप्ता, मनीष त्यागी, सोमनाथ जिंदल, भानु मित्र शर्मा, हर्षपति उनियाल आदि मौजूद थे।
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इधर, शिवानंद आश्रम मुनिकीरेती स्थित दिव्य जीवन संघ में पर्व पर ब्रह्मलीन स्वामी शिवानंद महाराज की समाधि पर विशेष पूजा-अर्चना की। इसमें संत के अनुयायियों ने गुरुदेव पादुका पूजा के साथ प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सभा में शिवानंद आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी विमलानंद सरस्वती और महासचिव पद्मनाभानंद सरस्वती ने गुरु पूजा को सनातन धर्म की परंपरा और धरोहर बताया। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष स्वामी निरलिप्ता नंद सरस्वती, उपाध्यक्ष योग स्वरूपानंद, स्वामी अद्वैतानंद गोविंदानंद सरस्वती उपस्थित थे।
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