रायवाला। प्रतीतनगर स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में चल रही शिव महापुराण कथा के सातवें दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने भगवान शिव के स्वरूप में नंदी और गले में नाग के आध्यात्मिक महत्व का वर्णन किया।
स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि नंदी केवल शिव का वाहन नहीं, बल्कि धर्म, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। नंदी का शिव की ओर मुख करना परमात्मा पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश देता है। शिव मंदिर में नंदी के कान में मनोकामना कहने की परंपरा श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने भगवान शिव के गले में नाग के महत्व पर भी प्रकाश डाला। नाग भय पर विजय, कुंडलिनी शक्ति और वैराग्य का प्रतीक है। यह संदेश देता है कि भय, अहंकार और विकारों पर नियंत्रण कर व्यक्ति निर्भय हो सकता है।