नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक के लिए खड़े शिवभक्त।
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ऋषिकेश। श्रावणमास के पहले सोमवार को बारिश ने शिवभक्तों की आस्था रोक दी। सुबह से हो रही बारिश के कारण शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ कम ही देखने को मिली। इस दौरान लोगों ने घर पर ही विधिविधान के साथ व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना की।
सुबह से हो रही बारिश के कारण नीलकंठ मंदिर, चंद्रेश्वनगर, वीरभद्र महादेव, सोमेश्वर नगर समेत विभिन्न शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ कम देखने को मिली। शिवालयों में बम-बम भोले की गूंज और ऊं नम: शिवाय की ध्वनि कम ही सुनाई दी। कुछ लोगों ने मंदिरों में पूजा अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। जो लोग बारिश में घर से बाहर नहीं निकले उन्होंने घर पर ही भगवान शिव की पूजा अर्चना की।
ढालवाला निवासी आचार्य पंकज पैन्यूली ने बताया कि श्रावण माह के सोमवार विशेष फलदायी होते हैं। सात दिन सोमवार से लेकर रविवार तक सभी दिन किसी न किसी देवता या ग्रह से संबंधित हैं, इसी क्रम में सोमवार का दिन भगवान शिव से संबंधित है। साथ ही यह मास (श्रावण) भगवान शिव को विशेष प्रिय है। भगवान शंकर के अति प्रिय महीने में सोमवार का संयोग स्वत: ही विशिष्ट हो जाता है। यही कारण है कि सावन मास के सोमवार को की जाने वाली शिव पूजा व शिवलिंग पर अभिषेक से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। साथ ही शिवभक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यहीं कारण है कि श्रावणमास में सोमवार के दिन का विशेष महत्व माना जाता है।