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Rishikesh News: ऋषिकेश में सी-प्लेन का दूसरा ट्रायल सफल, अब टिहरी की बारी

Fri, 10 Apr 2026 03:06 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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पशुलोक बैराज में हुआ सी प्लेन का ट्रायल:संवाद
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पशुलोक बैराज में सी-प्लेन (जल-विमान) उतारने का दूसरा ट्रायल भी सफल रहा। अब क्रू सदस्यों का प्रशिक्षण होगा। बताया जा रहा है कि एक दो दिन के भीतर टिहरी झील में भी सी-प्लेन का ट्रायल किया जाएगा। अब तक के ट्रायल सफल रहने से ऋषिकेश में इस सेवा की शुरुआत की उम्मीद बढ़ी है।
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बीते सोमवार को पर्यटन विभाग और यूजीवीएनएल की संयुक्त पहल पर स्काई हॉप एविएशन ने पशुलोक बैराज में 19 सीटर सी-प्लेन उतारने का ट्रायल किया था। इसके लिए कंपनी करीब चार माह से यहां सर्वे आदि कर रही थी। सोमवार का ट्रायल सफल रहने पर मंगलवार को फिर ट्रायल किया जाना था, लेकिन मौसम अनुकूल न होने के कारण ट्रायल नहीं हो पाया था।



बृहस्पतिवार को स्कॉई हॉप एविएशन ने करीब साढ़े 12 बजे फिर पशुलोक बैराज में लैंडिंग व टेकऑफ का ट्रायल किया। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि एयरक्राफ्ट का ट्रायल पूर्ण रूप से सफल रहा है। हालांकि अभी कई चरणों का ट्रायल किया जाना है। अब क्रू सदस्यों का प्रशिक्षण कराया जाएगा। जल्द टिहरी झील में भी ट्रायल होगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
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31 अक्तूबर 2020 को हुआ था देश में पहला प्रयास



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर केवड़िया से साबरमती रिवरफ्रंट सी-प्लेन सेवा का उद्घाटन किया था। यह देश की पहली सी-प्लेन सेवा है। प्रधानमंत्री ने सेवा की पहली उड़ान के जरिए केवड़िया से अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट तक का सफर किया। केवड़िया से साबरमती के बीच की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है।

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टिहरी झील में भी सी-प्लेन उतारने के लिए हुए थे प्रयास

टिहरी झील में सी-प्लेन उतारने के प्रयास वर्ष 2018 से शुरू किए गए थे। इसके लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और राज्य सरकार के अधिकारियों ने 2019 में झील का संयुक्त निरीक्षण कर भूमि भी चयनित की थी। जिसमें झील को सी-प्लेन के लिए अनुकूल पाया था। बाद में अन्य तकनीकी कमियों के चलते यहां यह सेवा शुरू नहीं हो पाई। झील में सी-प्लेन उतारने का उद्देश्य झील में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाना था। बावजूद अभी तक योजना पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया। सी-प्लेन उतरने से लोगों को पर्यटन कारोबार बढ़ने की उम्मीद थी। ऋषिकेश पशुलोक बैराज ट्रायल सफल होने के बाद अब टिहरी झील में भी ट्रायल किया जाएगा।
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- अभी तक के ट्रायल पूर्ण रूप से सफल रहे हैं। अब क्रू सदस्यों का प्रशिक्षण होगा। टिहरी झील में भी ट्रायल की योजना है। - मनीषा, प्रोजेक्ट हैड
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