जौलीग्रांट। एसडीआरएफ को आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ एसडीआरएफ देश का पहला ऐसा आपदा प्रतिवादन बल बना गया है जिसे यह प्रमाणपत्र मिला है।
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में भूकंप, भूस्खलन, अतिवृष्टि, बादल फटने, बाढ़, हिमस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में एसडीआरफ की 40 से अधिक टीमें प्रदेशभर में 24×7 राहत और बचाव कार्यों के लिए अलर्ट रहती हैं। 23 से 25 सितंबर तक हुए दूसरे ऑडिट के बाद एसडीआरएफ को आठ अक्तूबर को यह प्रमाणपत्र मिला है जिसमें बीआईएस के पूर्व वैज्ञानिक और उप महानिदेशक विष्णु गुप्ता ने सेनानायक अर्पण यदुवंशी की उपस्थिति में विभिन्न शाखाओं और कार्यप्रणालियों का निरीक्षण किया। ऑडिट में प्रशासनिक व्यवस्था, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन, दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन और एसओपी के अनुपालन का मूल्यांकन किया गया।
आईएसओ प्रमाणन से एसडीआरएफ को कार्यों का मानकीकरण, अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव, जिम्मेदारियों का निर्धारण और कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे प्रशिक्षण, उपकरणों के रखरखाव, संसाधनों के बेहतर उपयोग और रेस्क्यू अभियानों की तैयारियों में सुधार करने के साथ कमियों की पहचान करना भी आसान होगा।
मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ को दी बधाई
जौलीग्रांट। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीआरएफ को आईएसओ प्रमाणपत्र मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरव की उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह बल की कार्यकुशलता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और पुलिस महानिरीक्षक योगेंद्र सिंह रावत ने कहा कि एसडीआरएफ की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और रेस्क्यू प्रक्रियाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।