एक ट्रैक्टर के भरोसे नगर निगम की सफाई व्यवस्था, सड़कों से समय पर नहीं उठ रहा कूड़ा
- तीन साल बाद भी ट्रैक्टर का पंजीकरण नहीं, दो ट्रैक्टरों की जरूरत
ऋषिकेश। नगर निगम की सफाई व्यवस्था इन दिनों एक ट्रैक्टर के भरोसे चल रही है। ट्रैक्टरों की कमी के कारण शहर की सड़कों से कूड़ा समय पर नहीं उठ पा रहा है। वहीं, नगर निगम प्रशासन नए ट्रैक्टर खरीदने की योजना भी नहीं बना पा रहा है। हैरानी की बात है कि मौजूदा ट्रैक्टर का तीन साल बाद भी पंजीकरण नहीं हो पाया है। नगर निगम के कर्मचारी बाजारों और संकरी गलियों से कूड़ा एकत्र कर रेलवे रोड पर नीरज भवन के पास, केवलानंद चौक, चंद्रभागा पुल सहित अन्य स्थानों पर रखी ट्रॉलियों में डालते हैं। इसके बाद ट्रैक्टर से कूड़ा गोविंदनगर स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड पहुंचाया जाता है। तीन अक्तूबर से पहले कूड़ा गुमानीवाला स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में भेजा जाता था। एक ही ट्रैक्टर को अलग-अलग स्थानों से ट्रॉलियां खींचकर कूड़ा घर तक ले जाना पड़ता है और फिर वापस आकर दूसरी ट्रॉली उठानी पड़ती है। इससे समय अधिक लगता है और कूड़ा उठाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि व्यवस्था सुचारु रखने के लिए कम से कम दो ट्रैक्टरों की आवश्यकता है।
इनसेट-
तीन साल से नहीं किया पंजीकरण- करीब तीन साल पहले टीएचडीसी ने नगर निगम को शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सीएसआर फंड से एक ट्रैक्टर दिया लेकिन आज तक इस ट्रैक्टर का नगर निगम प्रशासन पंजीकरण नहीं करा पाया। यह ट्रैक्टर बिना पंजीकरण के ही फर्राटा भर रहा है।
कोट-
बाजारों में कूड़ा एकत्रित कर ट्रैक्टर के माध्यम से कूड़ाघर तक पहुंचाया जाता है। यदि ट्रैक्टर की कमी है तो उसे दिखवाया जाएगा। ट्रैक्टर के पंजीकरण को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी।- विजय नाथ शुक्ल, नगर आयुक्त ऋषिकेश