2018 में हुई सड़क दुर्घटना के मौत के मामले में पुलिस ने जिस व्यक्ति को आरोपी बनाया था कोर्ट से उसे राहत मिल गई है। अदालत में गवाहों ने बयान दिया तो मालूम हुआ कि घटना के वक्त वाहन अन्य व्यक्ति चला रहा था। पुलिस ने आननफानन निर्दोष व्यक्ति के ऊपर संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया था।
अधिवक्ता अमित कुकरेती ने बताया कि नौ जनवरी 2018 को रेलवे रोड से होते हुए हीरालाल मार्ग पर सड़क दुर्घटना हुई थी। कोतवाली पुलिस ने अनीस पुत्र मुन्ना खां निवासी किरायेदार नाजीर बुहू ग्राम हाजीपुरा नगीना, हाल निवासी कॉन्वेंट स्कूल के पास श्रीनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। इस हादसे में दो लोगों रामरूप सिंह और कुंदन शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा सात लोग घायल हुए थे। इस मामले में अदालत में नौ गवाह प्रस्तुत किए गए। आरोपी की ओर से ट्रक स्वामी इकरार ने गवाही दी। पुलिस की ओर से पेश किए गए सभी गवाह अदालत को यह बता पाने में असमर्थ रहे कि घटना के वक्त ट्रक का ड्राइवर असल में कौन था। सभी ने अपने बयान में साफ कहा है कि घटना होते ही ड्राइवर मौके से ट्रक छोड़कर फरार हो गया था।
उधर, ट्रक स्वामी इकराम ने अदालत को बताया कि नौ जनवरी 2018 को घटना के वक्त उनका ड्राइवर एहतेशाम पुत्र शब्बीर निवासी पालटी गुजर जिला हरिद्वार गाड़ी चला रहा था। सड़क दुर्घटना की बात एहतेशाम ने ही बताई थी। इसके बाद ट्रक चालक के आत्मसमर्पण के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। वहीं, अनीस के अधिवक्ता गौरव जैन ने भी अदालत को बताया कि घटना के वक्त वह मौजूद नहीं थे। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह ने माना कि पुलिस ने मामले में गलत आरोपी पेश किया। न्यायाधीश ने अनीस को निर्दोष पाते हुए उसे दोषमुक्त किया है।
बैठकों के निर्णय हवा हवाई
ऋषिकेश। शहर में ट्रैफिक प्लान लागू करने की मांग वर्षों से हो रही है, लेकिन पुलिस इस पर अमल नहीं कर पा रही है। नौ जनवरी 2018 की घटना से पुलिस प्रशासन ने सबक नहीं लिया। आलम यह रहा कि पिछले वर्ष 2019 में इसी हीरालाल मार्ग पर सड़क दुर्घटना में एक राफ्टिंग व्यवसायी की डंपर की चपेट में आकर मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी ने कोतवाली पुलिस तथा व्यापारियों के साथ बैठक कर सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक माल वाहक वाहनों का प्रवेश वर्जित किया था, लेकिन पुलिस प्रशासन की बैठक हवाई साबित हुई। शनिवार को भी इस मार्ग से मालवाहन वाहनों का आवागमन जारी रहा। गंभीर पहलू यह है कि इस मार्ग पर करीब डेढ़ दर्जन से अधिक स्कूल संचालित होते हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन आंखें फेरे रहता है।