पीजी ऑटोनामस कॉलेज में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों को ताक पर रखकर छात्रसंघ चुनाव का प्रचार शुरू हो गया है। जबकि कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक चुनाव की घोषणा तक नहीं की गई है। कॉलेज के मुख्य गेट और परिसर के पास प्रचार सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। महंगी होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टरों से सड़कें पाट दी गई हैं, मगर कॉलेज प्रशासन इस दिशा में कार्रवाई नहीं कर रहा है।
पीजी कॉलेज में इन दिनों छात्र नेता छात्रसंघ चुनाव 2016-17 की तैयारियों में जुट गए हैं। नए वोटरों को रिझाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। संभावित प्रत्याशी लिंगदोह कमेटी की नियमावली का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। हालात यह है कि कॉलेज परिसर के भीतर अभी से समर्थक संभावित उम्मीदवारों के प्रचार-प्रसार में जुट गए हैं। इसके लिए बाकायदा हेंड कार्ड बांटे जा रहे हैं। उधर, मुख्य गेट के पास जमकर प्रचार-सामग्री चिपकाई गई है। खुलेआम महंगे बैनर, पोस्टरों का उपयोग किया जा रहा है।
आचार संहिता से पहले नहीं होता मूल्यांकन
कॉलेज स्तर पर छात्रसंघ चुनाव के लिए गठित लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का मूल्यांकन मतदान से पूर्व आचार संहिता लगने के बाद किया जाता है, मगर छात्र नेता आचार संहिता लगने से पहले ही हजारों रुपये चुनावी खर्च में पानी की तरह बहा देते हैं।
बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का उपयोग किया जाता है, मगर इस ओर कॉलेज प्रशासन ध्यान नहीं देता। इतना ही नहीं चुनाव के बाद प्रत्याशियों से खर्चे में भी कॉलेज दिलचस्पी नहीं दिखाता। जो ब्योरा मिलता है, उस पर आंख मूंदकर विश्वास कर लिया जाता है।
छात्र नेताओं को महंगी प्रचार सामग्री कॉलेज में चस्पा करने से रोका जाता है, मगर छात्र नहीं मानते। लिंगदोह की सिफारिशें आचार संहिता के बाद मान्य होती हैं। नियमों का पालन नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डा.डीसी नैनवाल, प्राचार्य, पीजी ऑटोनामस ऋषिकेश