नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में नया डिग्री कॉलेज खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। अभिभावकों और जन प्रतिनिधियों का कहना है कि ऋषिकेश ऑटोनामस कॉलेज में स्नातक बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष में आठ सौ सीटें है। इसलिए ऑटोनामस कॉलेज में क्षेत्र के सभी छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिल पाता है। इस स्थिति में ऋषिकेश के छात्रों को प्रवेश के लिए नरेंद्रनगर, डोईवाला और देहरादून जाना पड़ता है।
शुक्रवार को इस संबंध में भाजपाइयों का एक शिष्टमंडल एसडीएम से मिला। एसडीएम कुसुम चौहान के माध्यम से सीएम को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इसमें कहा गया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ऋषिकेश विस क्षेत्र की जनसंख्या एक लाख 25 हजार है। इस क्षेत्र में 12 सरकारी इंटर कॉलेज और छह अंग्रेजी माध्यम के प्राइवेट इंटर कॉलेज हैं। इन शिक्षण संस्थाओं से प्रति वर्ष लगभग चार हजार छात्र-छात्राएं इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं, लेकिन उच्च शिक्षा के लिए ऋषिकेश में एक मात्र ऑटोनामस कॉलेज है। कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष में सिर्फ 800 सीटे हैं। सीटों की संख्या सीमित होने पर सभी छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिल पाता है।
इससे छात्र-छात्राओं को अन्य कॉलेजों का रुख करना पड़ता है। उक्त कॉलेजों में प्रवेश न मिलने की स्थिति में छात्रों को निजी कॉलेजों में प्रवेश लेने की मजबूरी रहती है। जिस कारण अभिभावकों पर ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ता है। जो अभिभावक अधिक शुल्क वहन नहीं कर पाते हैं, उनके बच्चों को पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। ज्ञापन में जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी सजवाण, माया धले, इंद्र कुमार, जसविंदर सिंह राणा, जयदत्त शर्मा, कपिल गुप्ता, श्रवण जैन, राकेश पारछा, राकेश कोठियाल, अनिल पाल, अमित कुमार, अरविंद गुप्ता, बृजेश शर्मा व संजय कुमार के हस्ताक्षर हैं।