ढालवाला। अब राफ्टिंग गाइड 50 की उम्र के बाद भी अपनी जिम्मेदारी निभा सकेंगे। शासन ने रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग नियमावली में बड़ा बदलाव करते हुए राफ्टिंग गाइड के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी है। यानी 50 की उम्र पार कर चुके गाइड भी निर्धारित स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद अपना कार्य जारी रख सकेंगे।
साहसिक पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शासन ने पुराने नियमों को प्रतिस्थापित करते हुए रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग के लिए नए प्रावधान लागू किए हैं। नए नियमों में पर्यटकों के साथ ही राफ्टिंग ऑपरेटरों और गाइडों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। अब राफ्टिंग के दौरान गाइड समेत सभी प्रतिभागियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित टाइप-वी लाइफ जैकेट और हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।
पुराने नियमों में केवल उपयुक्त आकार की सामान्य लाइफ जैकेट और हेलमेट पहनने का प्रावधान था। नए प्रावधानों के तहत सुरक्षा उपकरणों के मानकों को और कड़ा किया गया है। वहीं, नए नियमों में रिवर गाइड और सेफ्टी कयाकरों के लिए स्वास्थ्य संबंधी प्रावधान भी सख्त किए गए हैं। 50 वर्ष से अधिक उम्र के गाइड और सेफ्टी कयाकरों को हर साल सरकारी मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य एवं उपयुक्तता प्रमाणपत्र लेना होगा। प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही वे अपनी जिम्मेदारी निभा सकेंगे।
-नए नियम से गाइडों को फायदा मिलेगा। 50 की उम्र पार कर चुके गाइड 10 साल और अपना रोजगार कर सकेंगे। -सोबत सिंह राणा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, टिहरी
- राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम उम्र 60 वर्ष कर दी गई है। इसका सीधा फायदा पुराने राफ्टिंग गाइडों को होगा। हालांकि उन्हें फिटनेस संबंधी मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। -धर्मेंद्र नेगी, अध्यक्ष, राफ्टिंग एसोसिएशन।