ऋषिकेेश। पशुपालन विभाग की डेयरी के बदहाल होने पर पशुपालन विभाग पशुलोक के परियोजना निदेशक ने डेयरी के प्रभारी डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है। व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के साथ ही एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है।
अमर उजाला के नौ अक्तूबर के अंक में -पशुपालन विभाग की डेयरी बदहाल- शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। खबर छपने के बाद पशुपालन मुख्यालय ने संज्ञान लिया था। खबर का संज्ञान लेते हुए पशुपालन विभाग पशुलोक के परियोजना निदेशक डॉ.जगमोहन असवाल ने पशुपालन विभाग की डेयरी की बदहाल स्थिति को लेकर डेयरी फार्म के प्रभारी डॉ.उतम कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा है। इस डेयरी की स्थिति ऐसी थी कि दूध देने वाली गाय गोबर और गौमूत्र में बैठी थी। गाय भी पूरी गोबर कीचड़ से सनी थी। इन गायों की देखरेख करने के लिए पशुपालन विभाग सात स्थाई कर्मचारी तैनात हैं।
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डेयरी के प्रभारी डॉक्टर से गायों के ढंग से रखरखाव न करने को लेकर जवाब मांगा गया है। व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है। भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ.जगमोहन सिंह असवाल, परियोजना निदेशक पशुलोक