आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी रामानंदाचार्य महाराज की 717 वी जयंती महोत्सव पर तीर्थनगरी में गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भगवान के विभिन्न अवतारों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
विरक्त वैष्णव मंडल की पहल पर आयोजित धार्मिक यात्रा मायाकुंड स्थित रामानंद आश्रम से विधिवत शुरू हुई शोभायात्रा निर्मल आश्रम, मुखर्जी मार्ग, हरिद्वार रोड, तिलक रोड, हीरालाल मार्ग, रेलवे रोड, लक्ष्मण झूला रोड होते हुए आश्रम परिसर में संपन्न हुई।
नगर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी धार्मिक यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। संतसभा में स्वामी रामकृपाल दास, महामंडलेश्वर ईश्वर दास, डा. स्वामी नारायण दास ने जगद्गुरु को हिंदू धर्मोद्धारक की संज्ञा दी। बताया कि जगद्गुरु के प्राकट्य के समय सनातन धर्म संक्रमणकाल के दौर से गुजर रहा था।
उन्होंने हिंदू धर्म की पुनर्स्थापना की। जगद्गुरु ने भक्ति मार्ग को सुलभ बनाया और समाज के सभी वर्गों को भगवान की उपासना का अधिकार बताया। इस अवसर पर डा.रामेश्वर दास, दयाराम दास, सुरेश दास, सीताराम दास, गोपालाचार्य शास्त्री, रवि शास्त्री, रामकृपाल गौतम, मदनमोहन शर्मा, रामचौबे आदि उपस्थित रहे।