लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में गंगा स्नान और भ्रमण को आने वालों श्रद्धालुओं के लिए तीर्थक्षेत्र में कोई व्यवस्था नहीं जुटाई गई हैं। शौचालय, पथ प्रकाश, अतिक्रमण, स्वास्थ्य सुविधा और मुख्य बाजारों पर घूम रहे निराश्रित जानवर सैलानियों के लिए परेशानी बने हुए हैं।
इसके बावजूद मेला प्रशासन समस्या का समाधान करने के बजाय उदासीन बना हुआ है। अर्द्धकुंभ मेला शुरू हुए एक महीना बीत चुका है। लेकिन मेला प्रशासन की लापरवाही के चलते तीर्थक्षेत्र लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम में श्रद्धालुओं को मूलभूत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। क्षेत्र में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से सैलानी खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से श्रद्धालु निजी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, मुख्य बाजारों, गंगा घाटों और तटों पर घूम रहे निराश्रित जानवर श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बने हुए हैं। नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक सांसद प्रतिनिधि रामप्रसाद विजल्वाण ने बताया कि कुंभ शुरू होने से पहले मेला प्रशासन स्थानीय क्षेत्र में कुंभ मेला समिति का गठन करती थी।
समिति में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनैतिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाता था। समिति के माध्यम से क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए जुटाने वाली समस्याओं पर मेला प्रशासन को अवगत कराया जाता था। लेकिन इस बार समिति का गठन नहीं होने से व्यवस्थाएं चौपट हो गई हैं। विकास कार्यों के नाम पर मेला प्रशासन पैसों का दुरुपयोग कर रही है। इसका खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है।
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो जल्द ही स्थानीय प्रशासन को अवगत कराकर मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी।-अवधेश कुमार, अपर मेलाधिकारी