पशुलोक में कब्जा हटाने पहुंची पशुपालन विभाग और पुलिस टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय महिलाओं ने जब विरोध करना शुरू किया तो पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने महिलाओं के साथ अभद्रता शुरू कर दी। गाली गलौच करते हुए पुलिस का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने एक बच्चे को पीट दिया। इस दौरान कई घंटों तक खिंचाव की स्थिति बनी रही। शाम को एसडीएम की उपस्थिति में पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद यहां तारबाड़ का काम शुरू हो पाया।
शनिवार सुबह दस बजे पशुलोक में कब्जा हटाने के लिए पशुपालन विभाग, तहसील प्रशासन मय पुलिस फोर्स पहुंचा। चारदीवारी बनाने के लिए ईंटों से भरा ट्रक, रेत व बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्राली भी पहुंची। इसकी भनक जब स्थानीय लोगों को लगी तो उन्होंने मौके पर खड़े रहकर ट्रक, ट्रैक्टर ट्रॉली और मजदूरों को भगा दिया। इसके बाद कुछ महिलाएं समीप ही बन रही इमारत में प्रवेश कर सबसे ऊपरी मंजिल में जाने का प्रयास करने लगीं। इन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। जब महिलाएं नहीं मानीं, तो यहां भी पुलिस ने बलपूर्वक और अभद्र भाषा का प्रयोग कर तथा मुकदमा कायम करने की धमकी देकर इन्हें नीचे उतरवा दिया।
इसके बाद पुलिस ने मजूदरों को निर्माण कार्य शुरू करने को कहा, लेकिन नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री ललित मोहन मिश्र और अन्य लोगों ने मजदूरों और ठेकेदार को सख्त हिदायत देते हुए काम नहीं करने दिया। दोपहर तीन बजे उक्त जगह पर पानी का टैंकर लेकर ट्रैक्टर ट्राली आई। इसे स्थानीय लोगों ने घेर लिया। इस पर पुलिस ने स्थानीय लोगों को हटने को कहा। जब वह नहीं माने तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया। इसी बीच काफी संख्या में महिलाएं भी ट्रैक्टर ट्राली के आगे डटकर कार्रवाई का विरोध करने लगीं। इस पर पुलिस ने महिलाओं के साथ गाली गलौच करते हुए अपना गुस्सा एक बच्चे को पीटकर निकाल दिया।
औजार सूखी रंभा नदी में फेंके
पुलिस की कार्रवाई से नाराज लोगों ने निर्माण कार्य में प्रयुक्त औजारों को सूखी रंभा नदी पर फेंक दिए। अपराह्न तीन बजकर 36 मिनट पर एसडीएम ऋषिकेश प्रेमलाल आए और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से पुन: पशु पशालन विभाग से भूमि हस्तांतरित कर आवंटित करने की बात लिखित में देकर काम शुरू करवाया। इस मौके पर तहसीलदार रेखा आर्य, नायब तहसीलदार करण सिंह, परियोजना निदेशक पशुपालन आके वर्मा, अपर निदेशक पशुपालन डॉ. अशोक, डॉ. प्रेम कुमार, उप राजस्व अधिकारी पुनर्वास कुलदीप, स्थानीय लोग सत्य अग्रवाल, गंगा प्रसाद डोभाल, जितेंद्र सिंह बर्थवाल, सूरज सिंह राणा, आशीष कुकरेती, दीपक सनेजा, महावीर जैन, पार्षद राकेश सिंह मियां, जयेंद्र रमोला आदि उपस्थित रहे।
फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा
ऋषिकेश। पुलिस जब जबरन पशुलोक पर निर्माण कार्य कराने लगी तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। व्यापार मंडल महामंत्री ललित मोहन मिश्रा ने कहा कि बीते 19 मई को वीरपुर खुर्द में सराफ को गोली मारकर बदमाश गहनों से भरा बैग लूटकर चलते बने। पुलिस आज तक लूट व गोलीकांड का खुलासा नहीं कर पाई। इसके विपरीत जो लोग सरकार से जमीन खरीदकर यहां बसे हुए हैं, उन्हें बलपूर्वक खदेड़ रही है।
महिलाओं से गाली गलौच का वीडियो वायरल
ऋषिकेश। पशुलोक पर पशुपालन विभाग की कार्रवाई के दौरान विरोध कर रही महिलाओं के साथ पुलिस की अभद्रता और गाली गलौच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कोतवाली में तैनात सीनियर सब इंस्पेक्टर रैंक के एक अधिकारी महिलाओं के साथ गाली गलौच करते नजर आ रहे हैं। महिलाएं जब अभद्र भाषा का विरोध करने लगीं तो जबरन महिला आरक्षियों से उन्हें खदेड़ दिया गया।
पशुलोक में कार्रवाई का विरोध करने पर महिलाओं को जबरन पकड़कर अभद्र भाषा का प्रयोग करती पुलिस।- फोटो : RISHIKESH