चीला सड़क हादसे के सभी मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। सभी की मौत सिर में चोट लगने से हुई है। वार्डन आलोकी नाथ ही मौत भी नहर में डूबने से नहीं सिर में गंभीर चोट लगने से हुई। आलोकी नाथ का शव हादसे के चार दिन बाद एसडीआरएफ ने चीला नहर से बरामद किया गया था।
आठ जनवरी को राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के चीला रेंज में एक इंटरसेप्टर वाहन का ट्रायल किया जा रहा था। ट्रायल के लिए वाहन में वन्य जीव प्रतिपालक आलोकी, वन क्षेत्राधिकारी शैलेश घिल्डियाल, उपवन क्षेत्राधिकारी प्रमोद ध्यानी, चिकित्सक राकेश नौटियाल के अलावा कुलराज सिंह, हिमांशु गोसाई, सैफ अली खान, अंकुश, अमित सेमवाल और अश्विन बीजू सवार थे।
चीला विद्युत गृह से थोड़ी आगे अचानक अनियंत्रित होकर वाहन पेड़ से टकरा गया था। पेड़ से टकराने के दौरान कुछ लोग छिटक कर खाई में जा गिरे। वहीं वाहन में सवार वन्य जीव प्रतिपालक आलोकी नहर में गिर गई थी।
घटना में छह लोगों की हुई थी मौत
दुर्घटना में शैलेश घिल्डियाल (रेंज अधिकारी), प्रमोद ध्यानी (डिप्टी रेंजर), सैफ अली खान, कुलराज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं घटना के चार दिन बाद एसडीआरएफ ने चीला नहर से वार्डन आलोकी का शव भी बरामद कर लिया था। एम्स में उपचार के दौरान घायल अंकुश ने भी दम तोड़ दिया था। घटना में छह लोगों की मौत हुई थी। पुलिस को सभी मृतकों की पीएम रिपोर्ट मिल चुकी है।
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हादसे के मृतकों की पीएम रिपोर्ट आ गई है। सभी की मौत सिर में चोट लगने से हुई है। आलोकी नाथ की मौत का कारण भी सिर में गंभीर चोट लगना है।
- अनिल चौहान, विवेचना अधिकारीI