-उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव से लेकर लिपिकीय संवर्ग तक कर्मचारियों की जरूरत
ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में शिक्षणेतर कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए नए पदों के सृजन और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न कार्यालयों में काम के बढ़ते दबाव को देखते हुए शासन को प्रस्ताव भेजा है। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर लिपिकीय संवर्ग तक के पद शामिल हैं ।विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों की संख्या और परीक्षा संबंधी कार्य बढ़ने के कारण प्रशासनिक कामकाज का बोझ भी बढ़ा है। ऐसे में कुलसचिव कार्यालय, वित्त अनुभाग और अन्य विभागों में पर्याप्त कर्मचारियों की आवश्यकता है। प्रस्ताव में उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव और कनिष्ठ एवं वरिष्ठ लिपिक जैसे पदों की जरूरत भी बताई गई है। विवि प्रशासन का कहना है कि वित्त अनुभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण भी कामकाज प्रभावित होता है। संबद्ध संस्थानों से जुड़े कार्य, परीक्षा मूल्यांकन और भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं के लिए पर्याप्त मानव संसाधन जरूरी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन प्रस्ताव को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद और कार्य परिषद के समक्ष रखने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद आवश्यक अनुमोदन लेकर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
- शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर जा रही है। पदों के सृजन पर भी विचार किया जा रहा है। जल्द कर्मचारियों की कमी को दूर कर लिया जाएगा। प्रो. एके महाजन, कुलपति, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि।