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Rishikesh News: नियमित जांच से समय रहते पकड़ में आ सकती हैं मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियां

Mon, 26 Oct 2026 06:03 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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-एम्स में सीडीएस सम्मेलन का समापन
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- मोटापे, क्रिटिकल केयर और डायबिटीज के उपचार पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्डियो डायबेटिक सोसाइटी (सीडीएस) के वार्षिक सम्मेलन के अंतिम दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच पर जोर दिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि नियमित जांच से मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों का समय रहते पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सकता है। सम्मेलन में क्रिटिकल केयर, हृदय और गुर्दे के संबंध, मोटापे तथा डायबिटीज से जुड़ी जटिलताओं पर चर्चा हुई।
सोमवार को सम्मेलन के अंतिम दिन पहले सत्र में वेंटिलेटर से मरीजों को हटाने में आने वाली कठिनाइयों, गंभीर फंगल संक्रमण की शीघ्र पहचान, सेप्सिस और एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसी चुनौतियों पर चर्चा हुई। दूसरे सत्र में हृदय विफलता के उपचार, हृदय और गुर्दे के आपसी संबंध तथा प्रत्यारोपण वाले मधुमेह रोगियों की देखभाल पर विचार साझा किए गए। तीसरा सत्र मोटापे को दीर्घकालिक बीमारी के रूप में समझने और उसकी नई पीढ़ी की दवाओं पर केंद्रित रहा। सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष एवं एम्स के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. रविकांत ने कहा कि डायबिटीज वैश्विक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती है। यह सीधे या शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। इसका संबंध कई प्रकार के कैंसर से भी जुड़ा है और यह अन्य बीमारियों के प्रभाव को भी प्रभावित कर सकती है।
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शोध प्रस्तुतियों और क्विज के विजेता घोषित
सम्मेलन में पोस्टर और मौखिक शोध पत्र प्रस्तुतियों में डॉ. तहजीन, डॉ. सिद्धांत, डॉ. अभिजीत, डॉ. कोमल, डॉ. गगन, डॉ. संगप्पा, डॉ. परिधि और डॉ. खुशबू विजेता घोषित किए गए। वहीं, पीजी क्विज में डॉ. गगन दलाल और डॉ. देवांग अग्रवाल की टीम ने जीत दर्ज की, जबकि डॉ. प्रदीप राउत और डॉ. गगन हरनाथ की टीम उपविजेता रही। सम्मेलन में डॉ. वेंकटेश पाई, डॉ. मुकेश बैरवा, डॉ. पी.के. पांडा, डॉ. दरब सिंह और डॉ. अखिलेश कुमार सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सक एवं फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।
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