कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से लॉकडाउन किए जाने के फैसले को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के समय असमंजस की स्थिति रही। घरों से बाहर निकल रहे लोगों को लॉकडाउन के हवाला देकर जागरूक किया।
इस दौरान एयरपोर्ट, अस्पताल, जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को छोडकर अन्य गैर जरूरी वाहनों को देहरादून या ऋषिकेश नहीं जाने दिया। थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी ने बताया कि गैर जरूरी वाहनों पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद है। जरूरी और आवश्यक सेवा वाले वाहनों को पूछताछ के बाद जाने दिया जा रहा है।
बाहरी राज्यों से आकर मजदूरी करने वाले मजदूरों के सामने कोरोना वायरस ने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया। किराये के कमरों में रह रहे प्रतिष्ठानों, होटल कर्मी, मजदूरों को पहले जनता कर्फ्यू और अब लॉकडाउन के चलते कार्यों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जिससे दैनिक मजदूर तबका घरों में कैद होकर रह गया है।
भारी संख्या में बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड राज्य से मजदूरी करने मजदूर आते हैं, जो अब लॉकडाउन के चलते न तो वापस अपने घर जा सकते है और नहीं काम कर सकते है। प्रतिष्ठानों के स्वामियों ने बंदी का हवाला देकर के कर्मियों को घर भेजना शूरू कर दिया है। वहीं निर्माण कार्यो पर लगी रोक से मजदूरों के सामने भी भारी आर्थिक संकट खंडा हो गया।