फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झुलसाती धूप में दिन भर वाहनों के लिए भटकते रहे लोग

विज्ञापन
नटराज चौक पर प्रदर्शन करते परिवहन महासंघ के पदाधिकारी व सदस्य। - फोटो : RISHIKESH
विज्ञापन
परिवहन महासंघ की एक दिवसीय हड़ताल के चलते यात्रियों के लिए बुधवार का दिन बेहद मुश्किल भरा रहा। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहनों के इंतजार में दिन भर धूप में झुलसते रहे। परिवहन निगम की बसों में तिल भर जगह पाने के लिए भी यात्री धक्कामुक्की करते दिखे। इस दौरान पहाड़ी रूट पर वाहनों का टोटा नजर आया।
विज्ञापन

देर शाम तक अधिकांश लोग निजी वाहनों से लिफ्ट मांगकर अपने ठिकानों पर पहुंचे। गौरतलब है कि नए मोटर वाहन अधिनियम 2019 के विरुद्घ परिवहन महासंघ ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था। इसके तहत महासंघ से जुड़े समस्त वाहनों के पहिए जाम रखे गए।
हड़ताल से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई रही। शहर के प्रमुख चौराहों इंद्रमणि बडोनी चौक, चंद्रभागा पुल और त्रिवेणी घाट पर यात्री वाहनों के लिए परेशान रहे। इनमें ज्यादातर वह थे, जो रामझूला, लक्ष्मणझूला और त्रिवेणी घाट आदि घूमने की गरज से पहुंचे थे। वाहन न मिलने के कारण यात्रियों के काफिले पैदल घूमते नजर आए। स्थानीय लोगों को भी ऑटो-विक्रम न चलने के कारण परेशानियां उठानी पड़ी। उन्होंने पैदल ही दूरी नापी।
विज्ञापन

----
परिवहन महासंघ की हड़ताल के कारण तीन घंटे से भी अधिक समय खड़े-खड़े बीत गया है। मगर कोई वाहन नहीं आ रहा है। सुबह देहरादून से चला था। ग्राम गजा, टिहरी गढ़वाल का रहना वाला हूं। धूप भी काफी तेज हो रही है। पता नहीं कब तक गांव जाने के लिए गाड़ी मिल पाएगी।
प्रदीप निवासी, ग्राम गजा, टिहरी गढ़वाल
----
सुबह 5 बजे डोई वाला से चले थे। दोपहर के एक बज चुके हैं। परिवहन महासंघ की हड़ताल की जानकारी ही नहीं थी। सुबह से यहां धूप में परेशान हूं। इंतजाम के नाम पर कुछ नहीं है।
मंगल सिंह, निवासी ग्राम पडागली, घनसाली
----
देहरादून से सुबह साढ़े छह बजे इंद्रमणि बडोनी चौक पहुंच गई थी। तेज धूप के कारण छाया में बैठी हूं। सुबह से काफी थक गई हूं। पता नहीं नई टिहरी के लिए वाहन मिलेगा भी या नहीं। परिवहन निगम की व्यवस्था खोखली है।
रंगी देवी मियां, नई टिहरी
----
बहू ने बोला था कि इंद्रमणि बडोनी चौक से सूमो मिल जाएगी। सुबह सात बजे से यहां बैठी हूं। मगर कोई वाहन वाला बिठाता ही नहीं है। थक हारकर छाया में बैठ गई हूं। हड़ताल थी तो रोडवेज विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी चाहिए थी।
क्वांरा देवी, निवासी चंबा, टिहरी गढवाल

परिवहन महासंघ की हड़ताल के कारण रिक्शे से गंतव्य तक जाते यात्री।- फोटो : RISHIKESH

10 देहरादून, हरिद्वार रूट पर जाने के लिए रोडवेज बसों पर इस तरह रही मारामारी- फोटो : RISHIKESH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें