ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय स्थित टीकाकरण केंद्र में बुधवार को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए लोगों की जबरदस्त उमड़ पड़ी। सुबह छह बजे से ही अस्पताल परिसर में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। लोगों की बढ़ती की भीड़ के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए अस्पताल प्रशासन को पीआरडी जवानों और पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है। टीकाकरण की पर्ची जमा करने के बाद भी लोगों को टीकाकरण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 45 प्लस आयुवर्ग वाले 690 लोगों को कोविशील्ड की दूसरी डोज लगाई गई।
सुबह 10.15 बजे
टीकाकरण केंद्र में लोगों की भीड़ लगी थी। लोग हाथों में पर्चा लेकर लोग अपने नंबर के इंतजार में खड़े थे। लंबा इंतजार करने के बाद कई लोगों का स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बहस हो रही थी।
दोपहर 12.26
सरकारी अस्पताल में टीकाकरण लगाने आ रहे लोगों के लिए बैठने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। लोग अपने हिसाब से इधर-उधर लोहे के पाइप के ऊपर और कुछ लोग नालियों की ऊपर बैठे रहे।
समय दोपहर 1.15
सरकारी अस्पताल में दूसरी डोज लगाने वालों को पहले कंप्यूटर में डाटा अपलोड किया जा रहा था। बढ़ती भीड़ को नियंत्रण करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को कंप्यूटर कक्ष को ही अंदर से बंद करना पड़ा। नतीजन सुबह 9 बजे से जमा की गई पर्ची का अपडेट लोगों को 1.15 बजे तक भी नहीं मिल पा रहा था। गुमानीवाला निवासी विनोद शर्मा ने बताया कि उन्होंने सुबह 9 बजे टीकाकरण के लिए अपनी पर्ची दे दी थी। लेकिन चार घंटे बाद भी टीका नहीं लगा हैं।
दोपहर 1.30 बजे
भीड़ बढ़ने पर स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण के लिए कोविशील्ड की 200 डोज बढ़ानी पड़ी। कई लोगों का करीब सात घंटे बाद टीका लगाने का नंबर आया। नोडल अधिकारी डा. एसके पंत ने बताया कि बुधवार को उनके पास पांच सौ का स्लॉट था। भीड़ बढ़ने के कारण उन्हें दो सौ का स्लॉट बढ़ाना पड़ा।
यहां हुआ 660 लोगों का टीकाकरण
ऋषिकेश। मुनिकीरेती में 18 प्लस वालों का 500 और यमकेश्वर ब्लॉक में इसी वर्ग के लोगों को 160 डोज लगाई गई। यमकेश्वर ब्लॉक के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि बारिश के कारण लोगों की संख्या में कमी देखने को मिली।