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आयोग ने डीएम को राहत कार्य देने को कहा

Mon, 30 Sep 2019 01:21 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
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चंद्रभागा नदी किनारे बसे लोगों को बेघर करने के मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को राहत पहुंचाने का आदेश दिया है। आयोग ने उक्त मामले में मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करार देते हुए बेसहारा हुए झुग्गीवासियों को रैन बसेरा सहित भोजन, शौचालय और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

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बीते 11 सितंबर को अमर उजाला में ‘आशियाना छिना, खुले आसमान के नीचे गुजार रहे रात’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। खबर का संज्ञान लेते हुए नव दिव्यांग सेवा संस्थान की ओर से मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल की गई। संस्थान के अध्यक्ष अजय कुमार ने दायर वाद में कहा कि निगम की ओर से चंद्रभागा नदी किनारे बसी झुग्गी झोपड़ियों को अतिक्रमण के तहत ध्वस्त कर दिया गया है। निगम की इस कार्रवाई से सभी परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इस बदहाली के कारण एक बच्चे की बीमारी से मौत भी हो गई। उन्होंने वाद में यह भी कहा कि दर्जनों लोग बीमार हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

वाद में कहा गया कि संस्थान अतिक्रमण का पक्षधर नहीं है, लेकिन आशियाना छिन जाने के बाद बेघर लोगों को जीने के मौलिक अधिकार के तहत चिकित्सा सुविधा, रैनबसेरा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। संस्थान के प्रार्थनापत्र पर आयोग ने संज्ञान लिया। इसी क्रम में आयोग सदस्य अखिलेश चंद्र शर्मा ने जिलाधिकारी सी रविशंकर को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंनें उक्त मामले में बेघर हुए लोगों को रैनबसेरा, खानपान, पानी, शौचालय आदि राहत कार्य पहुंचाने का आदेश जारी किया है।

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